स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

अयोध्या मामले पर संभावित फैसला आने से पहले तगड़े हुए सुरक्षा के इंतजाम

Abhishek Gupta

Publish: Nov 07, 2019 19:58 PM | Updated: Nov 07, 2019 19:58 PM

Lalitpur

- सुरक्षा की दृष्टि से जनपद को 7 जोन और 30 सेक्टरों में बांटा
- सभी जोनों और सेक्टरों के लिए मजिस्ट्रेट किए तैनात
- बहु प्रतीक्षित फैसला आने से पूर्व जनपद में लगी धारा 144

ललितपुर. श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर जल्दी ही उच्चतम न्यायालय में संभावित फैसला आना है, जिसके दृष्टिगत जनपद की संवेदनशीलता में विभिन्न कारणों से आंशिक परिवर्तन आना सम्भावित है।

जिलाधिकारी जिला मजिस्ट्रेट योगेश कुमार शुक्ल ने जनपद को 07 जोन (ललितपुर शहर-1, ललितपुर शहर-2, ललितपुर, पाली, मड़ावरा, महरौनी एवं तालबेहट) एवं 30 सेकटरों में बांटते हुए 07 जोनल एवं 30 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात करते हुए निर्देशित किया है कि समस्त जोनल सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर कानून व्यवस्था एवं शान्ति व साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाये रखने हेतु उत्तरदायी होंगे तथा सम्बंधित थाने के थानाध्यक्ष प्रभारी निरीक्षक सेक्टर एवं जोनल टीम को अपेक्षित सहयोग प्रदान करेंगे। इसके अलावा समय-समय पर वस्तुस्थिति से अपर जिला मजिस्ट्रेट को रिर्पोट करते रहेंगे। साथ ही पुलिस अधीक्षक को जोलन सेक्टर मजिस्ट्रेट्स के साथ पुलिस अधिकारी व पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिये हैं।

इसके अलावा जिलाधिकारी जिला मजिस्ट्रेट, ललितुपर ने धारा 144 दण्ड प्रकिया संहिता 1973 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि किसी भी स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्ति समूह के रुप में एकत्रित नहीं होंगे। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, पार्टी अथवा संगठन किसी तरह का प्रदर्शन नहीं करेंगे। जनपद की सीमाओं में कोई भी व्यक्ति अस्त्र, शस्त्र, लाठी, ठण्डा, चाकू, भाला आदि लेकर नहीं चलेगा और न ही शादी विवाह में शस्त्र से फायर आदि करेगा और न ही किसी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलेगा, परन्तु यह प्रतिबंध शासकीय ड्यूटी पर तैनात अधिकारी कर्मचारियों तथा लाठी के सम्बंध में अपंग व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान, धार्मिक स्थल आदि पर इस प्रकार का भाषण, व्यक्तव्य चाहे वो मौखिक हो या लिखित रुप में, जारी नहीं करेगा, जिससे किसी धर्म, जाति, सम्प्रदाय, अथवा समुदाय, व्यक्ति विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचे। किसी धार्मिक स्थल का प्रयोग राजनैतिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाए तथा किसी भी धार्मिक स्थल में इस प्रकार को कोई कृत्य नहीं किया जायेगा, जिससे सामाजिक धार्मिक एवं जाति द्वेष की भावना उत्पन्न हो। यह आदेश 06 नबंवर से 30 नबम्बर तक प्रभावी रहेगा।

[MORE_ADVERTISE1]