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ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली का आरोप

Abhishek Gupta

Publish: Nov 06, 2019 23:24 PM | Updated: Nov 06, 2019 23:24 PM

Lalitpur

- आवास के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति ने निकाला पैसा
- ग्राम विकास अधिकारी की मिली भगत से अपात्रों को आवास देकर किया बड़ा घोटाला
- डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग,

ललितपुर. जहां एक ओर प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत प्रधानमंत्री मोदी गरीबों को छत देकर उन्हें सम्मान से जीवन यापन करने का लाभ दे रहे है। तो वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारी दलालों की मिलीभगत से इस योजनाओं को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं । ऐसा ही एक घोटाले का मामला ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकास खंड वार के ग्राम देवरान में सामने आया है। जहां एक अपात्र व्यक्ति के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति ने ग्राम विकास अधिकारी की सांठगांठ से ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास का पैसा निकाल लिया है जबकि उस अपात्र व्यक्ति को इस बात की जानकारी ही नहीं हुई। जिस के संबंध में ग्राम देवरान निवासी घनश्याम पुत्र पंचम ने जिला अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला को एक शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग उठाई है।

दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित घनश्याम ने अवगत कराया कि उसके नाम पर फर्जी आवास का निर्माण कराया गया है जिसमें प्रार्थी को किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है कि यह आवास किसके लिए बनाया गया है और इस आवास के लिए प्राप्त धनराशि किसके द्वारा बैंक से निकाली गई है। इस फर्जीवाड़े में किन आला अधिकारियों की मिलीभगत से पूरा काम किया गया है जबकि प्रार्थी अपात्रता की श्रेणी में आता है।

उसने यह भी आरोप लगाया है कि गांव में कई ऐसे अपात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड बनवा कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ दिया है। और कुछ ऐसे व्यक्ति भी मौजूद है जो अपात्रता की श्रेणी में आने के बावजूद इस सरकारी योजना का लाभ अधिकारियों की मिलीभगत से उठा रहे हैं । दिए गए प्रार्थना पत्र में उसने यह भी बताया है कि वह अपात्रता की श्रेणी में आता है इसीलिए भविष्य में कभी भी जांच हुई तो वह निर्दोष साबित हो सके इस बाबत इस प्रार्थना पत्र के माध्यम से वह पहले ही शासन को अवगत कराना चाहता है कि इस फर्जीवाड़े में उसका कोई हाथ नहीं है । इस मामले में उसकी फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल किया गया है इसीलिए पूरे मामले की जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए।

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