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एक सप्ताह में 3 भ्रष्ट कर्मचारियों पर की निलंबन की कार्रवाई

Ruchi Sharma

Publish: Nov 07, 2019 13:44 PM | Updated: Nov 07, 2019 13:44 PM

Lalitpur

-नवागन्तुक डीएम योगेश कुमार शुक्ला की कार्रवाइयों से भ्रष्ट अधिकारियों में मचा हड़कंप
-लेखपाल पेशगार ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर एफआईआर के दिए आदेश

 



ललितपुर. एक सप्ताह पूर्व जनपद पहुंचे नव आगंतुक जिला अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने पदभार ग्रहण करते ही तीन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई का चाबुक चलाया तो जनपद के भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी की बड़ी कार्रवाईयों ने जनता के बीच एक बार फिर शासन-प्रशासन की छवि को सुदृढ़ बनाने का काम किया है । क्योंकि शिकायतकर्ता की शिकायत करने के बाद यदि उच्च अधिकारी संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई करता है तब शिकायतकर्ता के साथ-साथ जनता में भी न्याय की उम्मीद जागती है और शासन प्रशासन के अधिकारियों पर जनता का भरोषा भी बढ़ता है।


जैसे ही जिला अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने पदभार ग्रहण किया तो पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने जमीन की नाप तोल के मामले में तहसील तालबेहट में तैनात लेखपाल धर्मेंद्र राजपूत पर निलंबन का हंटर चलाया क्योंकि एक महिला ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि जमीन की सही नापतोल करने के लिए लेखपाल द्वारा उनसे रिश्वत की मांग की गई थी जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। तत्पश्चात समाधान दिवस के मौके पर एक शिकायतकर्ता ने एसडीएम पाली के पेशगार की शिकायत की थी कि नकल निकलवाने के नाम पर उनसे पेशगार ने 500 की रिश्वत मांगी थी। जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेकर दोनों ही पक्षों से बातचीत की और वार्ता के निर्णय के आधार पर पेशकार पर भी निलंबन और एफआईआर की कार्रवाई के निर्देश दिए ।

उसके बाद ग्राम डोंगरा कला में जिलाधिकारी ने चौपाल लगाई जहां पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत की गई कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा गलत तरीके से शौचालय का पैसा लाभार्थी के खाते में भेज दिया गया है। जिलाधिकारी ने तत्काल जांच कर कार्यवाही करते हुए ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर एफआईआर के निर्देश दिए तथा डीपीआरओ से भी इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया।

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