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जन्माष्टमी छुट्टी विवाद पर यह क्या बोल गए मंत्रीजी

Hemant Kumar Joshi

Publish: Aug 25, 2019 12:09 PM | Updated: Aug 25, 2019 12:09 PM

Kuchaman City

शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा, ये सीएम-सरकार का निर्णय

 

 

कुचामनसिटी. जन्माष्टमी पर एक दिन पहले अवकाश घोषित कर विवादों में आई सरकार पर उन्हीं के मंत्री ने भी सवाल उठाए हैं। विवाद पर शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा का कहना था कि यह शिक्षा विभाग का निर्णय नहीं है। अवकाश बदलने की उन्हें भी जानकारी नहीं थी, मुख्यमंत्री-सरकार ने सोच-समझकर ही यह निर्णय किया होगा? मैं नहीं मानता कि सरकार ने अंदाजे में यह निर्णय किया होगा। उल्लेखनीय है कि जन्माष्टमी से एन एक दिन पहले सरकार ने 23 अगस्त का अवकाश घोषित कर दिया था। अवकाश की सूचना नहीं पहुंच पाने के कारण शिक्षक-विद्यार्थी और कर्मचारी दूर-दराज से कार्यालयों-स्कूल भी पहुंच गए थे। वैसे प्रदेश में 24 अगस्त शनिवार को ही जन्माष्टमी उत्सव मनाया गया। एक दिन पहले अवकाश की घोषणा के बाद सरकार का यह निर्णय विवादों में आ गया था।
यहां शनिवार को आए डोटासरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उनके हिसाब से जन्माष्टमी कब है? के सवाल को हंसते हुए टालकर डोटासरा ने कहा कि मानो तो रोज भगवान का जन्मदिन है।
उन्होंने सरकारी स्कूलों की बिगड़ी स्थिति के लिए आमजन को भी दोषी ठहराया। डोटासरा बोले कि जब तक गांव के लोगों का सरकारी स्कूल के प्रति लगाव नहीं होगा तब तक सरकारी स्कूलों की दशा नहीं सुधर सकती है। अब बाल सभाओं के माध्यम से वापस लोगों को जोडऩे का प्रयास हुआ है तो भामाशाह भी आगे आए और स्कूलों की स्थिति सुधरने लगी। तीन लाख से ज्यादा बच्चियां इस बार सरकारी स्कूलों में बढी है। मेरिट भी इस बार सरकारी स्कूलों की आई है।
निजी शिक्षण संस्थाओं पर की कार्रवाई-
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने निजी शिक्षण संस्थाओं की शिकायतों पर कार्रवाई की है। फीस रेगुलेशन एक्ट पर न्यायालय का स्टे हट चुका है। अब कोई भी शिक्षण संस्थान यदि मनमाने तरीके से फीस या पैसे लेगी तो अनियमितता पाई जाने पर कार्रवाई होगी।