स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

घायल माणकचंद की मौत पर हुआ पुलिस थाने के बाहर विरोध

Hemant Kumar Joshi

Publish: Nov 04, 2019 11:03 AM | Updated: Nov 04, 2019 11:03 AM

Kuchaman City

कुचामनसिटी. Protest outside police station on the death of injured Manakchand यहां शहर में बीते दिनों डीडवाना रोड पर डूंगरी वाले बालाजी के पास मारपीट की घटना में घायल माणचंद हरिजन की रविवार की शाम को जयपुर में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजनों ने पुलिस पर भी कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। रात 9 बजे से ढाई बजे तक पुलिस थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया गया।

Protest outside police station on the death of injured Manakchand प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 अक्टूबर को अर्जुन हरिजन पुत्र माणकचंद हरिजन ने पुलिस थाने में रिपोर्ट पेश कर जानकारी दी कि 16 अक्टूबर की रात को 8 बजे माणकचंद हरिजन अपने घर से डूंगरी वाले बालाजी के मंदिर जा रहे थे। उसी दौरान रास्ते में विक्रम, सूरज पुत्र सुरेश हरिजन, सेठी पुत्र नरेश हरिजन,
पारस पुत्र जितेन्द्र हरिजन व तीन-चार अन्य लोगों पर मारपीट करने और सिर पर धारदार हथियारों से चोट मारने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने मारपीट का मामला दर्ज कर जांच जगराम मीणा को सौंप दी। मारपीट में घायल माणकचंद हरिजन की रविवार को जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन देर रात शव लेकर कुचामन पहुंचे। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का यह भी कहना है कि सिर में धारदार हथियारों से गंभीर चोटें मारने के बावजूद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज नहीं कर साधारण मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया। रात 9 बजे शव कुचामण थाने के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। लोगों ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने और मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की। रात ढाई बजे पुलिस व वाल्मीकि समाज के लोगों के बीच तीन दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने के आश्वासन पर शव उठा लिया गया।

[MORE_ADVERTISE1]