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संसदीय लोकतंत्र को कमजोर कर हटाया है अनुच्छेद 370 - सी पी जोशी

Hemant Kumar Joshi

Publish: Aug 22, 2019 11:09 AM | Updated: Aug 22, 2019 11:09 AM

Kuchaman City

कुचामनसिटी. Article 370 removed by weakening parliamentary democracy- C P Joshi विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी का कहना है कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने के मामले में केन्द्र ने जल्दबाजी-मनमानी की और संसदीय लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया। इस अनुच्छेद को हटाने से पहले वहां की विधानसभा की सहमति ली जानी चाहिए थी। अगर विधानसभा सक्रिय नहीं थी तो चुनाव तक इंतजार किया जा सकता था। राज्यपाल को विधानसभा का प्रतिनिधि मानकर यह निर्णय करना गलत है। संसदीय प्रक्रिया का पालन कर यह काम किया जाता तो बेहतर होता।

जोशी ने दावा किया कि कांग्रेस इस अनुच्छेद को कमजोर करने में काफी समय पहले से सक्रिय रही है। जम्मू-कश्मीर में सदर-ए-रियासत के बजाए मुख्यमंत्री के पद को लाना हो या अनुच्छेद 356 को वहां प्रभावी करना हो, यह काम कांग्रेेस ने ही किया। जोशी बुधवार को कुचामन प्रवास के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे। Article 370 removed by weakening parliamentary democracy- C P Joshi

डूडी इश्यू नहीं, शर्त की पालना करनी थी
कांग्रेस के नेता रामेश्वर डूडी को नागौर जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर बोलते हुए सी पी जोशी ने कहा कि डूडी इश्यू नहीं है। नागौर जिला क्रिकेट संघ ने बीसीसीआइ की ओर से आरसीए को मान्यता देने के लिए रखी कुछ शर्तों में से कई का पालन नहीं किया। ऐसे में नागौर जिला क्रिकेट संघ और अभी हुए चुनावों को आरसीए की मान्यता नहीं है। ललित मोदी के आरसीए अध्यक्ष रहने से परेशानियां आई थी। बीसीसीआइ की प्रमुख शर्त थी कि ललित मोदी नागौर क्लब के सदस्य नहीं रहेंगे। जब तक मोदी की सदस्यता नहीं हटती तब तक बीसीसीआइ से आरसीए और नागौर संघ को मान्यता नहीं मिल सकती। जबकि ऐसा हुआ नहीं। इसलिए नागौर की वजह से आरसीए की मान्यता अटकी हुई है।

लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली समझे नई पीढी
पहली बार विधानसभा अध्यक्ष बनने के सवाल पर बोलते हुए जोशी ने कहा कि राजनीति में पार्टी के नेता जो भी जिम्मेदारी देते है उसे पूरी ईमानदारी करने का प्रयास है। बतौर विधानसभा अध्यक्ष सदन की कार्रवाई सुधारने के मामले में जोशी ने कहा कि नई पीढी के लोगों के लोगों को संसदीय कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास करना चाहिए। हमारे नेताओं ने संससदीय लोकतंत्र को अपनाया है। आजादी के बाद पण्डित जवाहर नेहरु यह लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत किया था। जिससे हमारे देश ने प्रगति की है। लोकतांत्रिक प्रणाली से ही आज चांद पर पहुंचे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि संसदीय कार्यप्रणाली के अनुरूप ही अच्छा कार्य हो सके।

कोई विरोध नहीं कहकर टाल गए जोशी
विधानसभा में सत्ता पक्ष के मंत्रियों और नेताओं की ओर से विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देने की अनुमति नहीं दिए जाने के विरोध पर जोशी यह कहकर टाल गए कि कितने सदस्य मेरा विरोध कर रहे हैं। दो सदस्य मेरे पास बैठे है उपसचेतक महेन्द्र चौधरी और कृषि मंत्री लालचंद कटारिया। दोनों ने जोशी की हां में हां मिलाते हुए कहा कि कोई विरोध नहीं है। जबकि पिछले दिनों सरकार ने यह माना है कि अध्यक्ष ने मंत्रियों को विपक्ष के सवालों का जवाब देने की अनुमति नहीं दी। इस मामले में शंाति धारीवाल ने भी कड़ा विरोध किया था।

कांग्रेसी नेताओं ने विधायक गावडिय़ा को दी सांत्वना-
परबतसर विधायक रामनिवास गावडिय़ा की माता के निधन हो जाने पर विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, डीडवाना विधायक चेतन डूडी, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर, उपसचेतक महेन्द्र चौधरी, डेगाना विधायक विजयपाल मिर्धा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत, मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष एच आर कुड़ी सहित अन्य नेता मौजूद थे।