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प्रशासन को अल्टीमेटम, अब नहीं आएंगे झांसे में.....

Anil Sharma

Publish: Aug 20, 2019 00:36 AM | Updated: Aug 20, 2019 00:36 AM

Kota

not anymore : अंडरपास निर्माण नहीं हुआ Start tracks then पर डालेंगे डेरा...मोडक स्टेशन में Demand for underpass को लेकर सोमवार को Angry people...किया प्रदर्शन, निकाली रैली...दिया धरना

मोड़क स्टेशन. अंडरपास की मांग को लेकर सोमवार को कस्बे के आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आए। सरपंच ममता मेवाड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अस्पताल चौराहे से रेलवे स्टेशन तक रैली निकाली। स्टेशन के बाहर धरना देते हुए अंडरपास बनने तक रेलवे फाटक पुन: शुरू करने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए ।
सूचना पर उपखण्ड अधिकारी चिमनलाल मीणा, डीएसपी मनजीत सिंह, तहसीलदार राजेन्द्र शर्मा, जीआरपी सीआई रामगंजमंडी प्रवीण सिंह गहलोत, मोड़क थानाधिकारी भारत सिंह मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों से समझाइश की।
अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए समस्या से राज्य सरकार, रेल मंत्रालय व उच्च अधिकारियों को अवगत कराने तथा तब तक रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षाकर्मी तैनात करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने भी प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए 15 सितम्बर तक का समय दिया। उसके बाद रेल रोको आंदोलन करेंगे। उल्लेखनीय है कि मोड़क स्टेशन में अंडरपास के अभाव में रेलवे फाटक पर आए दिन दुर्घटनाओं के खतरे के बीच ग्रामीण पटरियां पार करने को मजबूर है। पिछले दिनों कुछ बच्चे ट्रेन की चपेट में आने से बच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने 19 अगस्त को रेल रोको आंदोलन की घोषणा की थी। शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष व सांसद ओम बिरला के आश्वासन पर रेल रोको आंदोलन स्थगित कर दिया था।
गर्मी से महिलाएं अचेत
प्रदर्शन में कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ शामिल हुई। इनका कहना था कि रोजाना जान जाने के खतरे के बीच बच्चों को स्कूल भेजते हैं। हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है। रोज-रोज घुटने से अच्छा है कि एक दिन पटरी पर ही बैठ जाएं। प्रदर्शन के दौरान तेज धूप थी जिससे तीन महिलाएं अचेत हो गई। रेलवे के अधिकारियों ने पानी मंगवाया, लेकिन रेलवे के खिलाफ महिलाओं में इतना आक्रोश था कि उन्होंने पानी तक पीने से इनकार कर दिया। बाद में कस्बे के इस्लाम चौधरी ने पानी की व्यवस्था की।
प्रशासन को अन्तिम ज्ञापन
ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा कि यह कस्बेवासियों की ओर से अंतिम ज्ञापन है। 15 सितम्बर तक अंडरपास निर्माण की शुरू कराएं। साथ ही तब तक बन्द की गई रेलवे फाटक को पुन: खोला जाए। नहीं तो पटरियों पर बैठेंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।
पुलिस प्रशासन रहा चौकस
प्रदर्शन की पूर्व सूचना होने व रेल रोकने का आह्वान होने से प्रशासन पूर्ण रूप से चौकस रहा। सुबह से ही कस्बे के प्रमुख चौराहों पर पुलिस के जवान तथा रेलवे स्टेशन, रेलवे फाटक व ट्रेक पर एतिहातन जीआरपी के जवान तैनात रहे। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं ने रेलवे प्लेटफॉर्म पर जाने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व सदर असद खान, पूर्व उपसरपंच जाहिद अहमद, मजदूर नेता जुगल मेवाड़ा, वार्ड पंच मेहरूनिशा, शकीला बेगम, राधा बाई गुर्जर समेत सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।