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कोटा के जलदाय विभाग का कारनामा, तीन साल में लाखों खर्चे पर स्मार्ट वाटर प्रोजेक्ट कागजों में ही भीगा रहा,अब सरकार ने न्यास को दी जिम्मेदारी

Suraksha Rajora

Publish: Nov 22, 2019 15:00 PM | Updated: Nov 22, 2019 15:00 PM

Kota

स्मार्ट वाटर प्रोजेक्ट से न्यास पिलाएगा पानी , नाथपुरम में बनेगा 70 एमएलडी वाटर प्लांट

कोटा. प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में बदलाव किया जा रहा है। एक-एक कर प्रोजेक्ट नगर विकास न्यास को सौंपे जा रहे हैं। जलदाय विभाग से स्मार्ट सिटी में स्मार्ट वाटर प्रोजेक्ट को छीन लिया गया है और न्यास को यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट सौंप दिया गया है। डेढ़ सौ करोड़ के इस प्रोजेक्ट की कार्यकारी एजेंसी अब न्यास को बनाया गया है। स्मार्ट सिटी में पानी का स्मार्ट सिस्टम लागू करने का काम न्यास करेगा।

स्मार्ट सिटी योजना में चौबीस घंटे निर्बाध जलापूर्ति करने का प्रावधान है। केन्द्रीय शहरी मंत्रालय को नगर निगम के माध्यम से यह प्रस्ताव भेजा गया था, इसके आधार पर ही स्मार्ट सिटी में चयन किया गया था। तीन साल से जलदाय विभाग के अभियंता ही यह काम देख रहे थे। अब तक जयपुर-दिल्ली तक दो दर्जन बैठकों में भाग ले चुके हैं। इस प्रोजेक्ट पर कागजों में ही लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।

नए कोटा मिलेगा भरपूर पानी
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नए कोटा क्षेत्र की कई कालोनियों को पूरे दबाव के साथ पानी मिलेगा। खासकर जिन कॉलोनियों में अभी कम दबाव से पानी मिलने के शिकायत रहती है, उन कॉलोनियों में भी पर्याप्त दबाव से पानी मिलेगा। परियोजना को सरकार ने नए सिरे से स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत कार्य नगर विकास न्यास करवाएगा।

सकतपुरा जल संयंत्र का होगा विकास
योजना के तहत नदीपार क्षेत्र स्थित सकतपुरा वाटर प्लांट में 70 एमएलडी का वाटर फिल्टर प्लांट बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र की नई बसावट को भी पानी मिल सकेगा। क्षेत्र में वर्तमान में 130 एमएलडी का वाटर फिल्टर प्लांट है। शहर के विकास और आवश्यकताओं को देखते हुए स्मार्ट सिटी में जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए इसका विकास किया जाएगा।

अकेलगढ़ में भी होंगे कार्य
अकेलगढ़ में स्थित फिल्टर प्लांट का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। खराब व पुराने पम्पों को बदला जाएगा। आवश्यकतानुसार पाइप लाइनों को बदला जाएगा। सभी कार्य दो वर्षों में पूर्ण करवाए जाएंगे। इनके लिए निविदाएं जारी की जा चुकी है।

कंसलटेंसी के लिए 155 लाख की स्वीकृति
163 करोड़ लागत की इस परियोजना के तहत प्रारंभिक तौर पर होने वाले कार्यों के लिए निरीक्षण कार्य समेत कंसलटेंसी को मय सुपरविजन कार्य पर 155 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक योजना के तहत प्रारंभिक तौर पर शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। श्रीनाथपुरम क्षेत्र में 70 एमएलडी का वाटर फिल्टर प्लांट लगाया जाएगा। इससे पानी को चंबल से लिया जाएगा। शोधन कार्य इसमें होगा। नई विकसित होने वाली क्षेत्र की कॉलोनियों को पर्याप्त दबाव से पानी मिलेगा।

आईएल ऑक्सीजोन व आईएल परिसर में प्रस्तावित कॉलोनी के बाशिंदों को भी पानी मिलेगा।& योजना के तहत डेढ़ वर्ष में कार्य पूर्ण करवाया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत जल्द डीपीआर तैयार करवाई जाएगी। योजना से नए व पुराने कोटा शहर के लोग लाभान्वित होंगे।
अनिल कछवाह, अधीक्षण अभियंता, नगर विकास न्यास

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