स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पांच दिन बाद भी मदद नहीं पहुंची, चोर जरूर आ धमके,  नकदी जेवर ही नहीं, खिड़की-दरवाजे तक उखाड़ कर ले जा रहे

Rajesh Tripathi

Publish: Sep 22, 2019 13:39 PM | Updated: Sep 22, 2019 13:39 PM

Kota

इमदाद मिलना तो दूर, लोगों का हाल जानने को सरकारी

अमला भी नहीं पहुंचा अभी तक

केस.1
वीर सिंह पानी पताशे बेचकर परिवार पालता है, लेकिन बाढ़ में उसका सबकुछ तबाह कर दिया। उनकी पत्नी अनीता को उम्मीद थी कि बाढ़ का पानी उतरेगा तो घर में रखे जेवर, नकदी और सामान के जरिए जिंदगी को दोबारा पटरी पर ले आएंगे। हालात काबू में आने के बाद जब दोनों अपने घर के हाल जानने पहुंचे तो टूटी दीवार देखकर दंग रह गए। टूटे घर में दाखिल होने के बाद पता चला कि चोरों ने थाली, गिलास और कटोरी से लेकर गैस का चूल्हा सिलेंडर ही नहीं पायल, बिछुए और मंगल सूत्र तक चुरा लिया था। उन्हें हैरत तो फूटी हुई गुल्लक देखकर हुई कि चोरों ने उसमें एक-एक का सिक्का जोड़कर इक_ा किए पांच हजार रुपए तक नहीं छोड़े।

केस.2

मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले खंड गावड़ी निवासी रणजीत डोर का बाढ़ से सब कुछ तबाह हो गया। घर में फर्नीचर से लेकर रसोई में रखा चूल्हा चौका ही नहीं कपड़े और आढ़े वक्त के लिए बचा कर रखे पैैसे व जेवर तक बाढ़ की भेंट चढ़ गए। चम्बल का कोप शांत हुआ तो घर का हाल देखने पहुंचे। सिर्फ भरा हुआ सिलेंडर ही आंगन में पड़ा मिला। उसे उठाकर किनारे रख आए थे, लेकिन अगली दिन चोर उसे भी ले गए। खिड़की दरवाजे तक चोरी की नीयत से उखाड़ लिए गए।

कोटा. यह तो महज बानगी भर है। चम्बल के कोप का शिकार हुए तमाम ऐसे मोहल्ले हैं जिन पर अब चोरों की नजर पड़ चुकी है। आश्रय स्थलों में रहने को मजबूर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर चोर हाथ साफ करने में जुटे हैं। चोरों ने किसी घर से गैस सिलेण्डर तो किसी घर से जेवर, नकदी व अन्य घरेलु सामान तक पार कर डाला। लोगों ने बताया कि पिछले दिनों बाढ़ का पानी निचली बस्ती बापू नगर, हनुमानगढ़ी, खण्ड गांवडी, नंदा की बाड़ी समेत कई एक दर्जन बस्तियों में पानी घुस गया। चोरों ने इसका का फायदा उठाकर किसी घर की छत से किसी के दरवाजे तोड़कर सामान पार लिया। कुछ लोगों ने संबंधित थानों में भी शिकायतें दर्ज कराई है।, कुछ ने नहीं कराई।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जब बाढ़ पीडि़तों का हाल जानने के लिए खंड गावड़ी का दौरा किया था तब भी लोगों ने चोरी की घटनाओं का उनसे जिक्र किया। जिस पर उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को बुलाकर मौके पर ही सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके जाते ही महकमा उनकी हिदायत भूल गया। नतीजन, बाढ़ से प्रभावित तमाम इलाकों में चोरी की घटनाएं न सिर्फ तेजी से बढ़ी बल्कि शिकायत करने वालों की सुनवाई तक नहीं हो रही। बापू नगर के लोगों ने बताया कि पानी से भरे मकानों में देर रात को मोबाइल की रोशनी में पहुंचकर सामान पार करते दिखाई दिए, लेकिन जब आवाज दी तो गायब हो गए। पुलिस को सूचना दी तो उन्हें आनाकानी कर दी।


चारपाई ही आसारा

बापू नगर रहने वाला बृजमोहन महावर कारीगर है। बाढ़ से मकान की दीवारें ढह गई। गैस की टंकी, खाने-पीने का सामान बह गया। टीवी खराब हो गया। टूटे-फूटे मकान में चारपाई पर ही बच्चे सोते दिखाई दिए। बृजमोहन की पत्नी ने बताया कि एक-एक पाई जोड़कर मकान बनाया था, लेकिन एक झटके में आशियाने के सपने बिखर गए।


मदद तो दूर हालात देखने नहीं आए

चम्बल नदी किनारे रामदेव मंदिर के पास बसी बापू नगर हरिजन बस्ती भी बाढ़ से तबाह हो गई। यहां करीब सौ मकान पानी से धराशाही हो गए। यहां रामदेव मंदिर, माताजी का मंदिर तक ढह गया। देवनारायण मंदिर के पीछे भी 40 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थानीय निवासी निजामुद्दीन व भरत सिंह ने बताया कि इस बस्ती में भी काफी नुकसान हुआ है। हाइमास्क लाइट का टावर भी गिर गया। यहां अभी तक कोई नुमांइदा नहीं पहुंचा। राहत कार्य भी शुरू नहीं हो सका।