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केन्द्र पर पसरा सन्नाटा, भाव कम मिलने से मोह भंग...

Anil Sharma

Publish: Nov 12, 2019 22:30 PM | Updated: Nov 12, 2019 22:30 PM

Kota

अब तक तीन किसानों का पंजीयन, खरीद केन्द्र पर जिंस बेचने नहीं पहुंचा कोई ......

रामगंजमंडी. राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर सोयाबीन व उड़द की खरीद के लिए कृषि उपज मंडी समिति परिसर में बनाए गए केन्द्र पर मात्र तीन किसानों ने ही पंजीयन कराया है और दो सप्ताह बाद भी ये जिंस बेचने इस केन्द्र पर नहीं पहुंचे हैं। खुली नीलामी में समर्थन मूल्य से अच्छे भाव मिलने के कारण किसान सरकारी केन्द्र पर नहीं जा रहे। एेसे में इस केन्द्र पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि मंडी में प्रतिदिन व्यापारी सोयाबीन की पांच से सात हजार बोरी की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार व्यापारी मंडी में आने वाली सोयाबीन को तीन श्रेणी बनाकर भाव निर्धारित कर रहे हैं। उच्चतम में अच्छी किस्म की सोयाबीन के भाव 4000 से 4050 रुपए है। तौल कांटे पर इसी सोयाबीन का भाव 3700 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया हुआ है। तौल कांटे पर साफ सुधरे माल की तुलाई की जाती है। किसान मिट्टी मिक्स सोयाबीन यहां लेकर पहुंचता है उसकी साफ- सफाई हम्मालों के माध्यम से होती है। इसके बाद जिंस की तुलाई होती है। इस साल अतिवृष्टि की चपेट में आने से मंडी में सोयाबीन की आवक दस हजार बोरी का आंकड़ा पूरा नहीं कर पाई है।

पिछले वर्ष के मुकाबले 40 फीसदी ही आवक
गत वर्ष में मंडी में सोयाबीन 15 से 18 हजार बोरी तक आई थी। आवक का ग्राफ गत वर्ष से 40 प्रतिशत रहने से तेल मिलों की तरफ से सोयाबीन की खरीद के प्रति रुझान है। इस कारण भावों में तेजी का आलम बना हुआ है। किसान मंडी में तीन श्रेणी की सोयाबीन लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें श्रेेष्ठ गुणवत्ता की सोयाबीन कम होती है। मध्यम दर्जे की सोयाबीन ज्यादा व मिटटी युक्त सोयाबीन का प्रतिशत 30 से 40 प्रतिशत तक है। मिट्टी की मात्रा वाली सोयाबीन की ढेरी के भाव का निर्धारण मिट्टी की मात्रा देखकर तय होता है। नीचे में 2800 से 3500 रुपए तक वह बिक रही है। मध्यम दर्जे की सोयाबीन जिसमें मिट्टी शून्य व हल्के फुल्के कचरे की मात्रा रहती है, उसे व्यापारी 3800 से 3900 रुपए क्विंटल तक में खरीद रहे हैं। बेस्ट किस्म की सोयाबीन का भाव 4000 से 4050 रुपए बोला जा रहा है, जो गत वर्षाे की तुलना में सबसे उच्चतम है।

नाम मात्र हो रही आवक

खरीद केन्द्र पर उड़द भी मामूली रुप से पहुंच रही है। हल्की किस्म की उड़द के भाव 2500 रुपए से ज्यादा नहीं मिल रहे। अच्छी किस्म के उड़द 5300 रुपए तक बिक रहे हैं। सरकारी तौल कांटे पर इन दोनों जिंसों को लेकर किसान नहीं पहुंच रहे।

इसलिए नहीं आ रहे किसान

समर्थन मूल्य तौल कांटे पर जिंस तुलाने के लिए किसानों के नहीं आने का कारण तौल कांटे पर बैठे कर्मचारी खुली नीलामी में ज्यादा भाव मिलना व खरीदी हुई जिंस का किसानों को तुरंत भुगतान मिलना मान रहे हैं।

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