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दस्तावेजों पर फेरा घोटाले का 'व्हाइटनर' निगम के राजस्व अनुभाग का एक और घोटाला

Suraksha Rajora

Publish: Nov 22, 2019 17:20 PM | Updated: Nov 22, 2019 17:20 PM

Kota

निगम के राजस्व अनुभाग ने झूला संचालक को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए निर्णयों की नोटिंग पर फेर दिया व्हाइटनर


कोटा. चम्बल गार्डन में प्रकाश एम्युजमेंट की ओर से नगर निगम प्रशासन की अनुमति बिना टिकट दर बढ़ाने का मामला अभी ठण्डा भी नहीं हुआ था कि एक और घोटाला सामने आ गया। निगम के राजस्व अनुभाग द्वारा झूला संचालक को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए निर्णयों की नोटिंग पर व्हाइटनर फेर दिया है। मामला उजागर होने पर उपायुक्त ने जांच कमेटी गठित कर तथ्यों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।


राजस्व समिति के अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली ने उपायुक्त को बताया कि झूला संचालक ने 28 दिसम्बर 2018 के बाद तीन झूलों के निगम से टिकट नहीं लिए गए और न ही निगम में इसकी राशि जमा करवाई। संचालक ने स्वयं ही टिकट छवाकर राशि एकत्र कर हजम कर ली। उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त को दिए ज्ञापन में कहा कि निगम ने झूला संचालक को चार झूलों की स्वीकृति दी थी, लेकिन उसने सात झूले लगा लिए।

झूला संचालक की पत्रावली में कांट-छांट की गई है और निर्णयों पर व्हाइटनर फेरकर कार्यवाही व फैसलों की नोटिंग बदल दी गई। उधर उपायुक्त राजपालसिंह ने कहा कि यह मामला सामने आने पर प्रशासनिक अधिकारी अशोक जैन की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी जांच के बाद रिपोर्ट सौंपेगी, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

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