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नहीं माने डॉक्टर हड़ताल जारी, वेंटिलेटर पर अस्पताल ,टले ऑपरेशन

Suraksha Rajora

Publish: Dec 05, 2019 19:41 PM | Updated: Dec 05, 2019 19:41 PM

Kota

अस्पतालों में व्यवस्थाओं से लड़ते रहे मरीज-तीमारदार

कोटा. मेडिकल कॉलेज के तीनों बड़े अस्पतालों में रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते तीसरे दिन भी गुरुवार को रोगी और तीमारदार अवव्यस्थाओं से लड़ते हैं। एमबीएस अस्पताल में वार्ड में भर्ती रोगियों को भी आउटडोर में बैठे चिकित्सकों को दिखाना पड़ा। कई चिकित्सक राउंड नहीं ले पाए।

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कोटा रेजीडेंट डाक्टर्स ऐसोसिएशन पीजी पाठ्क्रम की शुल्क बढ़ाने, अस्पतालों में रेजिडेंट चिकित्सकों की सुरक्षा बढ़ाने, बकाया वेतन और एनओसी के मुद्दों को लेकर हड़ताल पर हैं। तीनों अस्पतालों में रोज औसत 50 से 65 ऑपरेशन होते हैं, लेकिन गुरुवार को 19 ऑपरेशन हो पाए। करीब 31 ऑपरेशन टालने पड़े।

चिकित्सकों को अनुसार गंभीर रोगियों को ऑपरेशन को प्राथमिकता जा रही है। निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. चेतन शुक्ला ने बताया कि एमबीएस में 5, जेकेलोन अस्पताल में 5 और मेडिकल कॉलेज के नवीन चिकित्सालय में 9 ऑपरेशन किए गए। जेकेलोन अस्पताल में भर्ती बच्चों के माता-पिता परेशान नजर आए।

जब डाक्टर वार्ड में उपलब्ध नहीं हुए तो बच्चों को गोद में जाकर वरिष्ठ चिकित्सकों को दिखाया। जेकेलोन में अपने रिश्तेदार के बच्चे का हाल जानने आए पूनम कॉलोनी के अंकित ने बताया कि रेजीडेंट चिकित्सकों की मांग उचित है तो सरकार को ध्यान देकर जल्द हड़ताल खत्म करानी चाहिए।

वहीं रेजीडेंट चिकित्सक भी मानवता के नाते रोगियों की जान खतरे में नहीं डालें और अपनी जिद छोड़कर काम पर लौट आए। मांगें अपनी जगह हैं, लेकिन मानवता अपनी जगह है।

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