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काम आया नेताजी का रसूख, बेटा,पत्नी, बहू बने पंच, सरपंच

Deepak Sharma

Publish: Jan 24, 2020 23:53 PM | Updated: Jan 24, 2020 23:53 PM

Kota

कोटा. कोटा जिले में सरपंचों के दो चरणों के चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं। पंचायतीराज चुनाव में कई नेताओं के बेटे, पत्नी, बहू व अन्य रिश्तेदार मैदान में थे। अब नेताओं के दम पर सरपंच की कुर्सी पर बैठे गए हैं।

कोटा. कोटा जिले में सरपंचों के दो चरणों के चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं। पंचायतीराज चुनाव में कई नेताओं के बेटे, पत्नी, बहू व अन्य रिश्तेदार मैदान में थे। अब नेताओं के दम पर सरपंच की कुर्सी पर बैठे गए हैं।

कई नेता तो पहले खुद सरपंच रह चुके हैं और इस बार महिला वर्ग के लिए सीट आरक्षित होने पर पत्नी को मैदान में उतारा और चुनाव जीत गए। दो चरणों के चुनावों में अब तक आधा दर्जन नेताओं के नजदीकी रिश्तेदार सरपंच की कुर्सी तक पहुंच गए हैं।

ये बने सरपंच
सांगोद विधायक भरतसिंह की पत्नी मीना देवी दूसरी बार कुंदनपुर से सरपंच निर्वाचित हुई हंै। विधायक ने प्रचार में पूरी ताकत झौंक दी थी।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव नईमुद्दीन गुड्डू ने बनियानी ग्राम पंचायत में सरपंच के लिए बेटे मोईजुद्दीन को मैदान में उतारा। मोईजुद्दीन सरपंच का चुनाव जीत गए। गुड्डू पहले यहां से सरपंच रह चुके हैं।
सुल्तानपुर पंचायत समिति की बनेठिया ग्राम पंचायत से युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव रविप्रतापसिंह की पत्नी शिवांगी कड़े मुकाबले में सरपंच निर्वाचित हुईं हैं। वे पांच वोटों से विजयी घोषित हुई। रविप्रताप यहां से पहले सरपंच रह चुके हैं।
लाडपुरा पंचायत समिति सदस्य संजीत गुर्जर ने मवासा ग्राम पंचायत में पत्नी रश्मि गुर्जर को मैदान में उतारा। वह चुनाव जीत गई।
सावनभादो के निर्वतमान सरपंच दुष्यंत सिंह ने पत्नी सोनू शर्मा को चुनाव में उतारा, वह सरपंच निर्वाचित हुई।
सांगोद के ब्लॉक अध्यक्ष व मामोर के निर्वतमान सरपंच कुशलपालसिंह ने इसी पंचायत से वार्ड पंच के लिए बेटे विजयप्रताप सिंह को चुनावी रण में उतारा। विजयप्रताप सिंह पंच निर्वाचित होकर उप सरपंच बन गए।

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