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खौफ के साए में रावतभाटा पुलिस...आखिर क्या है माजरा...जानने के लिए पढि़ए यह खबर

Anil Sharma

Publish: Aug 25, 2019 00:48 AM | Updated: Aug 25, 2019 00:48 AM

Kota

थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के बने आवासों की हालत खस्ता....मैस व थानाधिकारी का आवास भी नहीं सुरक्षित...हल्की बारिश में ही छतों से टपकने लगता है पानी....प्लास्टिक से करते हैं कवर...

रावतभाटा. शहर के पुलिसकर्मी नागरिकों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे डटे रहते हैं। लेकिन उनकी खुद की जान थाना परिसर में बने आवासों में सुरक्षित नहीं है। नए भवन के लिए जमीन का आवंटन तो करीब पांच बरस पहले हो गया, लेकिन निर्माण के लिए अभी तक बजट का इंतजार है। ऐसे में पुलिस के जवान जर्जर हाल आवासों में रहने को मजबूर है। जिनमें हल्की बारिश होते ही छतों से टपकता है पानी, दीवारों में रहती है सीलन। फर्श से कभी भी जहरीले कीड़े निकल आना आम बात है। अनहोनी का डर होने से पुलिसकर्मी सुकुन की नींद नहीं सो पाते।
थाना भवन का उद्घाटन 26 जनवरी 1999 को हुआ था। थाना परिसर में जवानों के लिए पांच आवास बने हुए हैं जिनमें एक में दो जवान रहते हैं। आवास समय-समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण जर्जर हो चुके हैं। इनकी दीवारों से प्लास्टर गिरता रहता है। हल्की बारिश भी ही छतों से पानी टपकने लगता है। थाना परिसर व आवास के बाहर रास्ता क'चा है। बिजली फीटिंग भी पुरानी है। सीलन से करंट का खतरा बना रहता है। बारिश से बचाव के लिए छतों पर प्लास्टिक लगा रखी है। परिसर में महिला बैरक भी है।

खाना कहां पर खाएं
परिसर में ही पुलिस के जवानों के खाना बनाने के लिए रसोई घर बना हुआ है। जिसकी छत पर टीनशेड है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है। गर्मी में टीनशेड धूप के कारण गर्म हो जाता है। चूल्हा जलने के कारण दीवारें काली हो चुकी है। फर्श क"ाा है। प्रतिदिन 30 जवानों का खाना तैयार होता है, लेकिन उनके बैठने के लिए जगह नहीं है। अन्दर एक कमरा है। वहां लकडिय़ां सहित अन्य सामान रखा हुआ है।

बजट आए तो बने नया थाना
पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपखंड अधिकारी कार्यालय के पीछे नया थाना बनाने के लिए जमीन आवंटित है। यहां पर आधुनिक तरीके का थाना बनाया जाना प्रस्तावित था, जहां सारी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उक्त जमीन आवंटित हुए पांच साल हो गए हैं, लेकिन उस पर निर्माण के लिए बजट अभी तक नहीं मिला है।