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कोटा में जन्मजात विकृति का दुर्लभ ऑपरेशन

Jaggo Singh Dhaker

Publish: Sep 19, 2019 13:44 PM | Updated: Sep 19, 2019 13:44 PM

Kota

दुबलापन, पीलिया एवं लीवर की कमजोरी की वजह से रोगों से लडऩे की क्षमता कम हो जाती है।

कोटा. कोटा हार्ट एवं श्रीजी हॉस्पिटल में एक महिला की जटिल सर्जरी की। सर्जिकल गेस्ट्रोएन्टिरोलॉजिस्ट डॉ. कैलाश धाकड़ ने बताया कि झालावाड़ जिले के बोरखेड़ी गांव निवासी एक 45 वर्षीय महिला जन्मजात पित्ताशय एवं पित्त नली में गिठान (कोलीडोकल सिस्ट) के कारण पेट-दर्द, तीव्र बुखार एवं पीलिया से ग्रसित थी। उसकी जटिल सर्जरी की गई। ८ सितम्बर को उसका ऑपरेशन कर उसके पित्त एवं भोजन का नया रास्ता बनाया गया। अति दुर्लभ एवं कोटा संभाग का पहला ऑपरेशन है। बिना किसी जीवन रक्षक उपकरण एवं दवाइयों के मरीज अपनी दिनचर्या में फिर से लौट आई है। आमतौर पर ऐसे केस में मरीज लम्बे समय तक गहन चिकित्सा इकाई में रहता है। जटिल ऑपरेशन होने से अक्सर मरीज को वेंटीलेटर की भी जरूरत पड़ सकती है।

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दुबलापन, पीलिया एवं लीवर की कमजोरी की वजह से रोगों से लडऩे की क्षमता कम हो जाती है। इससे न्यूमोनिया, पेट में संक्रमण का खतरा रहता है। मरीज को जीवन रक्षक दवाइयों एवं गुर्दे के डायलिसिस इत्यादि की भी जरूरत पड़ सकती है, लेकिन इस केस में एेसा नहीं हुआ है।