स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

कार्रवाई नहीं नौकरी कर रही पुलिस

Mukesh Gaur

Publish: Dec 05, 2019 18:53 PM | Updated: Dec 05, 2019 18:53 PM

Kota

यातायात के उपाधीक्षक यह सब देखकर भी अनदेखी कर रहे

कोटा. शहर में यातायात की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है। यातायात पुलिस और पुलिस के ही कुछ कारिंदे पिछले दस महीनों से हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। कुछ ने तो कार्रवाई तक नहीं की और कुछ ने इतनी ही की जैसे ऊंट के मुंह में जीरा। मजेदार बात यह कि यातायात के उपाधीक्षक यह सब देखकर भी अनदेखी कर रहे हैं।

read also : नेशनल हाइवे पर बेकाबू ट्रक ने कार को मारी जोरदार टक्कर, 5 फीट हवा में उछली कार, शिक्षक-शिक्षिका घायल

कछुआ भी शरमा जाए
यातायात पुलिस में तैनात रामप्रसाद हेड कांस्टेबल (106) ने 2019 में बीते दस माह में महज 18 कार्रवाई की। यह प्रतिमाह दो कार्रवाई से भी कम बैठती है। इसी प्रकार यातायात पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल हेमराज ने महज 26 कार्रवाई की। इन दोनों यातायात पुलिसकर्मियों के काम करने की चाल से तो कछुआ भी शरमा जाए। इसके बावजूद यातायात पुलिस ने इनके खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर इन्हें चेतावनी तक नहीं दी। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था कैसे सुधरेगी। यह अब कोटा पुलिस ही जाने।

ड्यूटी के प्रति गैरजिम्मेदाराना व्यवहार
शहर में यातायात के लिए दी गई जिम्मेदारी को ज्यादातर थाने वाले गंभीरता से नहीं ले रहे। ऐसे में थानाक्षेत्रों में यातायात की व्यवस्था सुधरती नजर नहीं आ रही। आलम यह है कि यातायात पुलिस के हेड कांस्टेबल विश्म्बर दयाल ने अक्टूबर माह बीतने के बाद तक भी एक भी कार्रवाई नहीं की। ऐसे में दस माह में यातायात पुलिस में उनका रिकॉर्ड जीरो नजर आ रहा है। इसी प्रकार नयापुरा के वृताधिकारी भगवत सिंह हिंगड ने भी बीते दस माह में यातायात उल्लंघन के मामले में एक भी कार्रवाई नहीं की।

read also : स्वराज एक्सप्रेस में 1.70 करोड़ की डकैती का मास्टरमाइंड हैदराबाद से गिरफ्तार

कार्रवाई
1643 जनवरी
1075 फरवरी
854 मार्च
1520 अपे्रल
1555 मई
1208 जून
1919 जुलाई
1962 अगस्त
928 सितम्बर
1784 अक्टूबर
कुल 14448 चालान

read also : बॉलीवुड के बाद हॉलीवुड में धूम मचायेगा कोटा,स्विट्जरलैंड के फिल्मकार करेंगे शूटिंग
औपचारिकता निभा रहे
मुख्यालय के आदेश को थानाधिकारी व स्टाफ गंभीरता से नहीं ले रहा। सबसे बुरा हाल मकबरा थाने का है। यहां पुलिस यातायात की कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता निभा रही है। यहां दस माह में महज 9 कार्रवाई हुई। यह महीने में एक कार्रवाई से भी कम है। इसके अलावा किशोरपुरा थानाक्षेत्र में इस अवधि में महज 15, कैथूनीपोल क्षेत्र में 20, रेलवे कॉलोनी थानाक्षेत्र में 21, आरके पुरम थानाक्षेत्र में 12 कार्रवाई की गई। आरकेपुरम पुलिस ने तो जून माह में एक साथ 12 कार्रवाई कर कार्य की इतिश्री कर दी।

[MORE_ADVERTISE1]