स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

देखिए, बाहुबली पूर्व विधायक गुंजल का खाकी पर खौफ, केस दर्ज होने के बावजूद मामला छुपाने में जुटी रही पुलिस

Zuber Khan

Publish: Nov 21, 2019 22:35 PM | Updated: Nov 21, 2019 22:35 PM

Kota

political News, Former MLA Prahlad Gunjal, MLA Chandrakanta Meghwal: कोटा के नयापुरा थाने में बाहुबली पूर्व भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल के खिलाफ केस दर्ज होने बावजूद पुलिस 13 दिन तक मामला छिपाने में जुटी रही।

कोटा. नयापुरा थाने में पुलिस के केन्द्रीय उप अधीक्षक के आदेश पर पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ( Former MLA Prahlad Gunjal ) के खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस के अधिकारी मामले को छुपाने में जुटे रहे। जब इस मामले के बारे में बुधवार रात को नयापुरा थानाधिकारी संजय रॉयल से बात की, तो उन्होंने स्वयं को अवकाश पर बताते हुए मामले के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही। ( kota police ) इसके बाद थानाधिकारी ने पुलिसकर्मियों को बुलाकर एफआईआर चेक करवाने की बात कही, लेकिन इसके दो घंटे बाद तक भी थानाधिकारी ने उनके ही थाने में मामला दर्ज होने की पुष्टि नहीं की और मामला दर्ज होने के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कहते रहे।

Read More: नाना के यहां से छुट्टियां मनाकर घर लौट रही बालिका चंबल में बही, चंद मिनटों में मां की आंखों से ओझल हो गई बेटी

7 नवम्बर को ही दर्ज हो गया था मामला
नयापुरा थाने में 7 नवम्बर को ही उप अधीक्षक के आदेश पर मामला दर्ज हो गया था, लेकिन इसके 13 दिन बीतने के बावजूद पुलिस निरीक्षक को मामले की जानकारी नहीं दी। मामले के बारे में पुलिस ने मामला दर्ज करवाने से पहले फूंक-फूंक कर कदम रखते हुए मामले की जानकारी विशिष्ट लोक अभियोजक से मामले की पूरी जानकारी ली और विधिक राय के आधार पर अक्षरस मामला दर्ज कर लिया।

Read More: दर्दनाक मौत: भारी वाहन ने पैंथर शावक को कुचला, 2 घंटे सड़क पर तड़पता रहा खून से लथपत 7 माह का शावक

एससी/एसटी आयोग मांग रहा था जवाब

चन्द्रकांता मेघवाल ( MLA Chandrakanta Meghwal ) की ओर से मामले की शिकायत मई 2018 में दी गई थी, लेकिन इसके कई माह बाद तक मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस इसके पीछे गुंजल के उस समय विधायक होने के कारण मामला दर्ज नहीं करने का दावा कर रही है। इधर एससी/एसटी आयोग ( SC / ST Commission ) मामले में पुलिस ने बार-बार जवाब तलब कर रहा था। ऐसे में गुंजल के चुनाव हारने के बाद पुलिस ने इस मामले में आपराधिक मामला दर्ज कर जांच सीआईडीसीबी को जांच के लिए भेज दी।

[MORE_ADVERTISE1]