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लोकसभा अध्यक्ष ने देखी खेतों में डूबी फसलें, किसानों को दी सांत्वना, अफसरों को सर्वे के निर्देश

Deepak Sharma

Publish: Aug 18, 2019 20:07 PM | Updated: Aug 20, 2019 19:23 PM

Kota

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को सांगोद विधानसभा क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों का दौराकर अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का जायजा लिया। पानी भरने से खेत तलैया बन गए हैं। लगातार पानी भरा होने से फसलें गल गई है।

कोटा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को सांगोद विधानसभा क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों का दौराकर heavy rainfall अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का जायजा लिया। पानी भरने से खेत तलैया बन गए हैं। लगातार पानी भरा होने से फसलें गल गई है। बिरला ने मौके से ही राज्य के मुख्य सचिव और केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर बात कर अतिवृष्टि से फसलों के खराबे और गांवों में घरों में हुए नुकसान का सर्वे करवाने का कहा।

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बिरला ने सांगोद के पूर्व विधायक हीरालाल नागर व अधिकारियों के साथ सांगोद क्षेत्र के कुराड़, खजूरी, देवली, बालूहेड़ा आदि गांवों के खेतों में जाकर फसलों का जायजा लिया। कुराड़ में सड़क के किनारे एक खेत डेढ़ से दो फीट पानी भरा हुआ था और उड़द की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। बिरला ने कृषि विभाग के अधिकारियों से उड़द की फसल के बारे में जानकारी ली तो बताया कि जल भराव के कारण उड़द की फसल में व्यापक नुकसान हुआ है। यहां से पैदल की दूसरे खेत में गए तो सोयाबीन की फसल आधी डूबी हुई थी और पानी भरने से पीली पड़ गई थी। खजूरी गांव में भी एक खेत में गए तो यहां भी देखा तो उड़द, मक्का और सोयाबीन की फसल नष्ट हो चुकी है। देवली और बालूहेड़ा में भी यही स्थिति देखने को मिली। क्षेत्र के खेतों में दो से तीन फीट पानी भरा हुआ है। किसानों ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि खराबे का शीघ्र मुआवजा दिलाया जाए और खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए।

खाळ का पानी बना बर्बादी का कारण
किसानों ने बताया कि पोगलिया खाळ का पानी खेतों में तेज प्रवाह से आया है, इस कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने लोकसभा अध्यक्ष को बताया कि 80 फीसदी से अधिक खराबा हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष को पूर्व विधायक हीरालाल नागर ने बताया कि पोगलिया खाळ के पानी को डायवर्जन चैनल के माध्यम से कालीसिंध नदी में डालने का प्रस्ताव भाजपा शासन में बन गया था। इसके लिए 6.50 करोड़ की राशि भी मंजूर हो गई थी। यह राशि नाबार्ड से फडिंग की गई थी, लेकिन बाद में ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया है।