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ओलंपियाड :परीक्षा में एडमिट कार्ड के साथ "जन्म- प्रमाणपत्र" ले जाना जरुरी ,प्रथम-चरण 17 नवंबर को

Suraksha Rajora

Publish: Nov 13, 2019 21:23 PM | Updated: Nov 13, 2019 21:23 PM

Kota

कोचिंग नगरी कोटा में 8 परीक्षा केंद्र,जानिए कैसा होगा प्रश्न पत्र

कोटा. प्रतिष्ठित इंडियन नेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड का प्रथम-चरण "नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन इन जूनियर साइंस" राष्ट्रीय स्तर पर आगामी 17 नवंबर को प्रातः 10 से 12 के मध्य आयोजित किया जाएगा। उपरोक्त परीक्षा के आयोजन हेतु कोचिंग नगरी कोटा में ग्लोबल पब्लिक स्कूल, सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सहित कुल 8 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं।

उपरोक्त परीक्षा हेतु एडमिट कार्ड गत 10 नवंबर को जारी कर दिए गए थे। विद्यार्थियों को सर्वप्रथम जारी किए गए एडमिट कार्ड पर पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ चस्पा करना होगा तत्पश्चात इसे "स्कूल प्रिंसिपल" द्वारा प्रमाणित किया जाना भी आवश्यक है। केरियर पॉइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी एडमिट कार्ड के साथ "जन्मतिथि प्रमाण-पत्र" आवश्यक तौर पर ले जाएं। जन्म तिथि प्रमाण पत्र के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट तथा बर्थ सर्टिफिकेट में से कोई भी एक मान्य होगा।

कैसा होगा प्रश्न पत्र...

"नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन इन जूनियर साइंस" की समयावधि 120 मिनट तथा पूर्णांक 240 होंगे। देव शर्मा ने बताया कि "विज्ञान-गणित संकाय" के चारों भागों फिजिक्स, केमिस्ट्री ,मैथ्स तथा बायोलॉजी प्रत्येक से 20- 20 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न 3 अंकों का होगा तथा +3/-1 के आधार पर ऋणात्मक मार्किंग की जाएगी। प्रश्न मूलतः "एप्लीकेशन ऑफ नॉलेज" पर आधारित होंगे।

क्या वर्ष-2018 से बेहतर गुणवत्ता का होगा वर्ष-2019 प्रश्न पत्र?

11% से अधिक त्रुटिपूर्ण था पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र

देव शर्मा ने वर्ष-2018 के प्रश्न पत्र का आकलन कर बताया कि पिछले वर्ष 80 प्रश्नों में से "पांच-प्रश्न" डिलीट कर दिए गए थे तथा "चार-प्रश्नों" के एक से अधिक विकल्प ठीक थे।अर्थात कुल 80 प्रश्नों में से 9 प्रश्न त्रुटिपूर्ण थे। प्रतिशत के तौर पर देखा जाए तो प्रश्न पत्र में लगभग 11% से अधिक त्रुटियां थीं।देव शर्मा ने बताया कि यदि विषयवार आकलन किया जाए तो फिजिक्स से दो प्रश्न डिलीट किए गए थे।

बायोलॉजी में एक प्रश्न के एक से अधिक विकल्प ठीक थे। सर्वाधिक त्रुटियां गणित विषय में थी जिसमें दो प्रश्न डिलीट किए गए तथा दो प्रश्नों के एक से अधिक विकल्प ठीक थे। केमिस्ट्री में एक प्रश्न डिलीट किया गया तथा एक प्रश्न के एक से अधिक विकल्प ठीक थे। उम्मीद की जाती है कि वर्ष 2019 का प्रश्न पत्र अधिक गुणवत्तापूर्ण होगा।

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