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बड़ी खबर : अब कोटा में हर महीने आएगा बिजली का बिल, जानिए वजह

Rajesh Tripathi

Publish: Nov 13, 2019 17:55 PM | Updated: Nov 13, 2019 17:58 PM

Kota

जयपुर डिस्कॉम ने दिए कोटा शहर में बिजली के मासिक बिल भेजने के निर्देश,

विद्युत उपभोक्ताओं को बिल माह दिसम्बर से मासिक आधार पर मिलेंगे बिल

 

 

कोटा। जयपुर डिस्कॉम ने केईडीएल को कोटा शहर में मासिक बिल व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। डिस्कॉम से मिले निर्देषों की पालना में केईडीएल बिल माह दिसम्बर 2019 से कोटा षहर में मासिक बिल व्यवस्था लागू करने जा रहा है। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ;आरईआरसी द्ध ने पिछले साल पूरे राज्य में मासिक बिल व्यवस्था लागू करने का आदेष दिया था। डिस्कॉम बूंदी, झालावाड़, कोटा ग्रामीण, अलवर व भरतपुर सहित अपने क्षेत्राधिकार वाले सभी गांवों, शहरों व कस्बों में मासिक बिल व्यवस्था लागू कर चुका है। कोटा में मासिक बिल व्यवस्था लागू नहीं होने पर कुछ स्थानीय उपभोक्ताओं ने आयोग में याचिका दायर की थी कि जयपुर डिस्कॉम के क्षेत्राधिकार वाले सभी शहर कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक बिल व्यवस्था लागू हो गई है, लेकिन कोटा के उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है।

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कोटा के उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद जयपुर डिस्कॉम ने पिछले दिनों कोटा इलेक्ट्रीसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (केईडीएल) को शहर के उपभोक्ताओं को तत्काल मासिक बिल भेजने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि अगर इसे लागू नहीं किया गया तो केईडीएल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश की पालना में केईडीएल ने इस साल बिल माह दिसम्बर से इस व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है।
उल्लेखनीय है कि विद्युत विनियामक आयोग ने 28 मई 2018 को जारी आदेश में दो महीने की जगह मासिक बिल व्यवस्था को 19 सितम्बर 2018 से पहले अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा था। आयोग ने नई बिलिंग व्यवस्था लागू करने के बाद इस बारे में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए लागू नहीं करने पर बिजली कम्पनियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि मासिक बिल व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं पर बिजली की बिल राशि का बोझ कम होगा।

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उपभोक्ताओं को होगा फायदा
जयपुर डिस्कॉम के संभागीय मुख्य अभियंता कोटा संभाग क्षेमराजसिंह मीणा ने बताया कि मासिक बिल व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं पर बिजली बिल राशि का बोझ कम होगा। इसके साथ ही उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग पर भी नजर रख सकेंगे। उन्होंने बताया कि जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से पूर्व में षुरू की जा चुकी मासिक बिलिंग के दौरान उपभोक्ताओं में भ्रांति थी कि मासिक बिलिंग में भी उपभोक्ताओं से स्थाई षुल्क, विद्युत षुल्क, जल संरक्षण कर व नगरीय उपकर आदि दो महीने की बिलिंग के बराबर ही वसूले जाएंगे, लेकिन जयपुर डिस्कॉम ने इस भ्रांति को उसी समय दूर कर दिया था। केईडीएल की और से षुरू की जा रही मासिक बिलिंग की नई व्यवस्था में भी अब दो महीने की जगह, एक महीने के बिजली उपयोग के हिसाब से विद्युत शुल्क, जल संरक्षण कर व नगरीय उपकर लिए जाएंगे। दो महीने के बिल में लगने वाली स्थाई शुल्क की राषि एक महीने के बिल में आधी ही रह जाएगी। इसी तरह विद्युत षुल्क 40 पैसे प्रति यूनिट, जल संरक्षण 10 पैसे प्रति यूनिट व नगरीय उपकर 15 पैसे प्रति यूनिट की दर से लिया जाता है, जो एक महीने में उपभोग की गई यूनिट्स के आधार पर ही लिया जाएगा।

संभागीय मुख्य अभियंता मीणा ने बताया कि उपभोक्ताओं को यदि फिर भी आषंका हो तो वे उसी महीने का पिछले साल का बिल उठाकर वर्तमान बिल में आधे हुए स्थाई षुल्क व महीने की यूनिटृस के हिसाब से ही लिए गए विद्युत षुल्क, जल संरक्षण उपकर व नगरीय उपकर की जांच कर सकते हैं। यदि इसके बाद भी कोई परेषानी है तो केईडीएल के संबंधित सहायक अभियंता कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। वहीं उपभोक्ता जयपुर डिस्कॉम के कोटा संभागीय मुख्य अभियंता कार्यालय को भी अवगत करा सकते हैं।

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