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हे राम! कैसी ये नियति, 24 घंटे में ही मां-बाप से छीनी 2 औलाद, खुशियों से चहकते आंगन में मचा कोहराम

Zuber Khan

Publish: Nov 11, 2019 08:30 AM | Updated: Nov 11, 2019 02:25 AM

Kota

बारां जिले में खुशियों से चहकते आंगन में कोहराम मच गया। दो मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत से गांव में मातम पसर गया।

बारां. दो छोटे भाई-बहनों की कुपोषण और खून की कमी के चलते मौत हो गई। दोनों बच्चों को शुक्रवार रात परिजन गंभीर हालत में बारां जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे। यहां जांच के बाद एक बच्चे को मृत घोषित कर दिया तथा दूसरे की शनिवार सुबह कोटा में सांसें थम गई।

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पुलिस व चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित जिले के शाहाबाद क्षेत्र स्थित होडापुरा गांव निवासी रामभजन कुशवाह शुक्रवार शाम पुत्री चन्द्रबाली उर्फ पिंकी (17 माह ) व पुत्र कुलदीप ( 8 वर्ष) को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचा था। यहां भर्ती टिकट व रजिस्टर में बच्चों की बीमारी के कॉलम में एनिमिक (खून की कमी) लिखा गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने कुलदीप को भर्ती कर लिया तथा पिंकी को मृत घोषित कर दिया।

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रामभजन बेटी के शव को जिला मोर्चरी में रखवाकर बेटे को लेकर कोटा के लिए रवाना हो गया था। शनिवार सुबह कोटा में उपचार के दौरान कुलदीप की भी मौत हो गई। शनिवार दोपहर रामभजन बेटे के शव को लेकर बारां जिला चिकित्सालय पहुंचा तो पता चला कि पुलिस ने बेटी के शव को जिला चिकित्सालय की एम्बुलेंस से दादा के साथ रवाना कर दिया गया था।

फिर ट्रैक्टर से ले गए शव
सूत्रों का कहना है कि बारां से गई एम्बुलेंस ने शव को होडापुरा गांव तक पहुंचाया। एम्बुलेंस चालक दिनेश सिंह ने बताया कि वहां दादा ने उनके गांव से ट्रैक्टर मंगवा लिया था। मृतकों का गांव मध्यप्रदेश में पुकी बताया जा रहा है।

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कुलदीप को शुक्रवार शाम चार बजे आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया था। चन्द्रबाली को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया था। उसकी यहां पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। दोनों भाई-बहन एनिमिक थे। रिंकू को यहां खून भी चढ़ाया गया था, उसके बाद उसे कोटा रैफर किया था।
डॉ. बीएल मीणा, पीएमओ, जिला चिकित्सालय

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