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जीएसटी लागू होने के बाद कर वसूली में कोटा का हुआ यह हाल, जयपुर ने किया कमाल

DHIRENDRA TANWAR

Publish: Aug 14, 2019 19:46 PM | Updated: Aug 14, 2019 19:46 PM

Kota

वाणिज्यिक कर विभाग : जीएसटी लागू होने के बाद से घटा राजस्व, वसूली लक्ष्य से काफी पीछे

कोटा. जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश सरकार के मुख्य राजस्व का स्रोत वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) घट गया है। इस कारण वाणिज्यिक कर विभाग वसूली का लक्ष्य भी पूरा नहीं कर पाया है। वैट वसूली में प्रदेश में कोटा चौथे पायदान पर आता है। इससे ज्यादा वैट का राजस्व सरकार को जयपुर से प्राप्त होता है। भिवाड़ी दूसरे पायदान पर है। वाणिज्यिक कर विभाग ने जीएसटी लागू होने के बाद वैट वसूली की रिपोर्ट जारी की है।

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रिपोर्ट के तहत कई जिलों में तो वैट वसूली नगण्य ही रह गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी के कारण विभाग में काम आधा ही रह गया है। इस कारण कर अपवंचना के मामले में भी कम आ रहे हैं। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 की मई तक की वैट वसूली के आंकड़ों की रिपोर्ट जारी की है। जयपुर प्रथम में तो अब तक 6.29 करोड़ का वैट वसूल हुआ है। जबकि जयपुर द्वितीय में 1967.07 करोड़ और जयपुर तृतीय में 227.94 करोड़ का वैट वसूल किया गया है।

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जयपुर के बाद दिल्ली से सटा होने के कारण भिवाड़ी जोन दूसरे नम्बर पर आता है। यहां 169.73 करोड़ रुपए का वैट वसूल किया गया है। तीसरे पायदान पर जोधपुर आता है। यहां 100.47 करोड़ का वैट अर्जित किया गया है। चौथे नम्बर पर कोटा का आता है। कोटा में मई तक 44.14 करोड़ का वैट वसूल किया गया है। इस मामले में उदयपुर इस मामले में कोटा से भी पीछे हैं। यहां मई तक 43.97 करोड़ का वैट वसूल हुआ है। अजमेर ने 1.16 करोड़ का वैट दिया है। अजमेर से आगे तो भरतपुर है। यहां से 2.98 करोड़ का वैट वसूल हुआ है।