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किसानों की आय दुगुना करेगा कोटा कृषि विश्वविद्यालय

Deepak Sharma

Publish: Oct 21, 2019 18:29 PM | Updated: Oct 21, 2019 18:29 PM

Kota

कोटा. कृषि अनुसंधान केन्द्र,उम्मेदगंज में सोमवार को दो दिवसीय 'ब्रेन स्टोर्मिंग सेशन' का आगाज हुआ। कार्यक्रम में कृषकों की आय को वर्ष 2022 तक दुगुना करने के संकल्प के साथ कार्य योजना का निर्धारण किया जाएगा।

कोटा. कृषि अनुसंधान केन्द्र, उम्मेदगंज में सोमवार को दो दिवसीय 'ब्रेन स्टोर्मिंग सेशन' का आगाज हुआ। दो दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में हाड़ौती संभाग के कृषकों की आय को वर्ष 2022 तक दुगुना करने के संकल्प के साथ कार्य योजना का निर्धारण किया जाएगा। कृषि विश्वविद्यालय, कोटा और राज्य के कृषि विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से योजना के क्रियान्वयन का निर्धारण किया जाएगा।

कुलपति डॉ. डी.सी. जोशी ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही कहा कि ग्रामीण स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर, मॉडल डेयरी सेंटर, खाद्य प्रसंस्करण इकाई, कृषि यांत्रिक इकाई व किसानों के स्वयं सहायता समूह इत्यादि की स्थापना कर आय को दोगुनी किया जा सकता है। कुलपति ने नई तकनीकों को अपनाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों से प्रभावी कार्य प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। निदेशक अनुसंधान डॉ. प्रताप सिंह ने कोटा खण्ड जोन 5 व 3 बी में योजना के मुख्य पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

ऐसे बढ़ाएंगे आय
किसानों की आय बढ़ाने के लिए उच्च तकनीकी उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, सजीव खेती, कृषि बीमा, जलवायु परिवर्तन इत्यादि पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त फ सल सुधार, जल व ऊर्जा संरक्षण, पशुपालन, दुग्ध उद्योग, मुर्गीपालन इत्यादि के अनुसार अलग-अलग कृषि वैज्ञानिकों तथा विषय विशेषज्ञों की टीम बनाकर थीम विशेष की कार्यप्रणाली बनाई जाएगी। कार्यक्रम में भारतीय मृदा व जल संरक्षण संस्थान के प्रमुख डॉ. आर.के. सिंह, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामअवतार शर्मा, संयुक्त निदेशक उद्यान पी.के. गुप्ता, संयुक्त निदेशक पशुपालन अनिल शर्मा सहित विश्वविद्यालय के डीन, निदेशक व विभागाध्यक्ष भी शामिल हुए।