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फिर दौड़ती ट्रेन में टूटी स्प्रिंग, यात्रियों की जिंदगी दांव, रेलवे बोर्ड ने साधी चुप्पी

Rajesh Tripathi

Publish: Dec 07, 2019 20:45 PM | Updated: Dec 07, 2019 20:45 PM

Kota

अब जनशताब्दी एक्सप्रेस की स्प्रिंग टूटी

 

 

कोटा. यात्रियों को सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से आधुनिक लिंके हॉफ मैन बुश (एलएचबी) सवारी डिब्बों का उपयोग शुरू किया, लेकिन अब इसी बदलाव से नींद उडऩे लगी है। श्रीगंगानगर-कोटा सुपरफास्ट और माता वैष्णोदवी कटरा-कोटा एक्सप्रेस के रैक में स्प्रिंग टूटने की कई घटनाओं के बाद अब कोटा-निजामुदद्ीन-कोटा जनशताब्दी एक्सप्रेस के रैक में भी यह खामी सामने आई है। शुक्रवार को दिल्ली से जब इसका रैक रेक कोटा पहुंचा तो गोल्डन जुबली पिटलाइन पर जांच में इसका पता चला। इसके चलते कोच को रैक से अलग करना पड़ा।

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यांत्रिक अभियंताओं का कहना है कि लगातार ऐसे कोचों में व्हील की स्पिं्रग टूटने की घटनाएं हो रही हैं। चुनिंदा ट्रेनों में इस तरह के कोचों का उपयोग वर्षों से हो रहा है, लेकिन ऐसी शिकायत पहले कभी नहीं आई। रेलवे ने गाड़ी परिचालन को परंपरागत आईसीएफ टाइप सवारी डिब्बों को एलएचबी सवारी डिब्बों के साथ चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना पर तेजी से काम शुरू किया है। इसके लिए भारतीय रेल की उत्पादन इकाइयां 2018-19 से एलएचबी सवारी डिब्बों का ही उत्पादन कर रही हैं। वर्तमान में करीब 411 जोड़ी रेलगाडिय़ां एलएचबी सवारी डिब्बों के साथ चल रही हैं।

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