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नहीं हुई सुनवाई तो पकड़ेंगे आंदोलन की राह!

Anil Sharma

Publish: Dec 06, 2019 10:10 AM | Updated: Dec 06, 2019 00:53 AM

Kota

बंद खदानें शुरू कराने को हुए लामबद्ध....पत्थर व्यापारी, खदान मालिक व ट्रांसपोर्टर्स आज लगाएंगे गुहार

रामगंजमंडी. एनजीटी के आदेश से बंद पड़ी लाइमस्टोन खदानों को शुरू कराने की मांग को लेकर कोटा स्टोन उद्यमी, खदान मालिक, व्यापारी व टा्रांसपोर्टर्स अब एकजुट होने लगे हैं। जल्द खदानें शुरू नहीं होने पर ये संयुक्त रूप से आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं। पहले चरण में स्माल स्केल इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन से जुड़े व्यापारी, माइंनिंग एसोसिएशन से जुड़े खदान मालिक, रामगंजमंडी क्षेत्र में संचालित ट्रांसपोर्टर्स व एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी शुक्रवार को यहां न्यायालय परिसर के बाहर जुटेंगे और उपखंड अधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर खदानें शुरू कराने की गुहार लगाएंगे।
केएसएसआईए अध्यक्ष नरेन्द्र काला, माइंनिग एसोसिएशन अध्यक्ष सर्वजीत सिंह आनंद, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि लाइम स्टोन की वर्तमान में करीब एक दर्जन से अधिक खदानें पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलने से बंद पड़ी हुई हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अपनाने के बावजूद खदानों को संचालित करने के लिए पर्यावरण स्वीकृत्ति नहीं मिल रही। पर्यावरण स्वीकृति के अभाव में खदानें बंद होने से हजारों श्रमिक बेरोजगार हो चुके हैं। स्टोन पोलिश फैक्ट्रियों में रफ माल की उपलब्धता नहीं होने से कोटा स्टोन की पत्थर प्रोसेसिंग इकाइयां बंद होने की स्थिति निर्मित हो गई है। दिसावर में माल की उपलब्धता नहीं होने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय करीब ठप हो चुका है।

दो हजार हैं पत्थर इकाइयां
रामगंजमंडी तहसील क्षेत्र में कोटा स्टोन की करीब दो हजार पत्थर इकाइयां हैं। इनमें करीब २५ हजार से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। खदानें बंद होने से इनके सामने रोजगार का संकट हो गया है।

अतिरिक्त संभागीय आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रीय मजदूर संघ इंटक के प्रदेशाघ्यक्ष जगदीश प्रसाद श्रीमाली के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने श्रमिकों के साथ गुरुवार को कोटा में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त प्रीति गोस्वामी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि लाइम स्टोन की खदानें बंद होने से करीब पैतीस हजार श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। इंटक पदाधिकारियों ने बूंदी की तरह अभयारण्य क्षेत्र से एक किलोमीटर के दायरे से बाहर आने वाली लाइम स्टोन की खदानों को पर्यावरण स्वीकृति दिलाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में इंटक अध्यक्ष सौदान सिंह परमार, महामंत्री गोरीशंकर बैसला, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सिसोदिया आदि शामिल थे।

मुख्यमंत्री से की चर्चा
इंटक के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद श्रीमाली ने गुरुवार को बारां में राजरू के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बंद खदानों के मसले पर चर्चा की और बताया कि खदानें बंद होने से हजारों श्रमिकों के रोजगार पर संकट आ गया है। श्रीमाली के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एनजीटी से जुड़ा मामला है, फिर भी राज्य सरकार जितना संभव होगी वह मदद करेंगी।

कोटा पहुंचा केएसएसआईए प्रतिनिधिमंडल
गहलोत से इस मामले में भेंट करने के लिए कोटा स्टोन स्माल स्केल इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष नरेन्द्र काला व सचिव अखलेश मेड़तवाल के नेतृत्व में कोटा पहुंचा, लेकिन गहलोत का कोटा आने का कार्यक्रम बदल जाने से यह प्रतिनिधिमंडल उनसे भेंट नहीं कर सका। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष दिनेश डपकरा, पूर्व उपाध्यक्ष प्रहलाद बैंसला, गोपाल गर्ग आदि शामिल थे।

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