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मेडिकल स्टूडेंट्स को पढाएंगे मरीजों से मधुर संबंध के गुर

Rajesh Tripathi

Publish: Jul 20, 2019 22:44 PM | Updated: Jul 20, 2019 22:44 PM

Kota

मेडिकल टीचर्स की ट्रेनिंग 23 से, बदले पाठ्यक्रम का होगा प्रशिक्षण

 

कोटा। मेडिकल कॉलेज कोटा से जुड़े संभी संकायों के चिकित्सक शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग 23 जुलाई से कांफ्रेंस हॉल में शुरू होगा। जिसमें एमसीआई के द्वारा चिकित्सा शिक्षा में किए गए अहम बदलावों के बारे में टीचर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज कोटा के प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि कोटा से करीकुलम कमेटी के सदस्य डॉ. दीपिका मित्तलए डॉ. नरेश रॉय, डॉ प्रतिमा जायसवाल, डॉ मनोज सलूजा डॉ जयश्री सिंह का कॉलेज डीन के साथ अहमदाबाद में दो बार नए पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण हुआ है। अब 30.30 लोगों के समूह में इस टीम के द्वारा अन्य संकाय चिकित्सक शिक्षकों को प्रात: 9 से 5 बजे तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इस अवसर पर अहमदाबाद मेडिकल कॉलेज से आब्जर्वर डॉ नीरज महाजन भी उपस्थित रहेंगे।

डॉ सरदाना ने बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ;एमसीआइ के द्वारा एमबीबीएस के सिलेबस में बदलाव कर दिया है। राज्य स्तर में इस सिलेबस में स्थानीय आधार पर कुछ बदलाव करते हुए एक्सट्रा एक्टिविटीज को जोड़ा गया है। यह बदलाव एक अगस्त 2019 से शुरू होने जा रहे नए सत्र से लागू होंगे। इसे कॉम्पेटेटिव अंडर ग्रेजुएट बेस्ड मेडिकल एजुकेशन नाम दिया गया है। इसमें आधार ज्ञान ;बेसिक नॉलेज तो देना ही होगाए साथ ही फाउंडेशन कोर्स भी करवाया जाएगा, जो महीने भर चलेगा। इसमें छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान मरीज के प्रति संवेदना तथा स्थानीय भाषा भी सिखाई जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। एक्सट्रा करिकुलम एक्टिविटी में रुचि परखी जाएगी। यह सारी कवायद मरीजों के हित में और डॉक्टर्स की क्वालिटी को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है।

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डॉ सरदाना ने बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ;एमसीआई ने अंडरग्रेजुएट मेडिकल करिकुलम में कुछ संशोधन किए हैं। नए सिलेबस के मुताबिक अब फस्र्ट ईयर के स्टूडेंट्स केवल थ्योरिटकल नॉलेज नहीं लेंगें बल्कि मरीजों के केस भी हैंडल करेंगे। नए सिलेबस को जनता के अनुसार तैयार किया गया है। इससे मरीज और चिकित्सक के बीच मधुर संबंध बनाने में मदद मिलेगी। अब तक यह माना जाता था कि मरीज से व्यवहार के बारे में अपने सीनियर से सीखा जा सकता हैए लेकिन अब इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। एमसीआई ने सिलेबस को अपडेट करने के अलावा एक नई पहल भी की है। जिसके तहत टीचर्स का भी प्रशिक्षण कराया जाएगा। जिसे करिकुलम इम्प्लीमेंटेंशन सपोर्ट प्रोग्राम सीआईएससी नाम दिया गया है। अब छात्र छात्राओं की निपुणता और स्किल के लिए कुछ गोल निर्धारित करते हुए पाठ्यक्रम का विभाजन किया जाएगा। जिससे मेडिकल छात्र छात्राओं में मरीज को प्राइमरी केयर देने की निपुणता आ जाए। उन्हें मरीज के परिजनों को नकारात्मक खबर देने के बारे में भी बताया जाएगाए क्योंकि मरीज के परिजन कोई भी बेड न्यूज सुनने को तैयार नहीं होते हैं। ऐसे मेंए परिजनों और तीमारदारों के मानसिक स्तर को समझते हुए समाचार देने के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पेथोलॉजी में बढी एक सीट अब 5 सीटो पर मिलेगा प्रवेश

डॉ विजय सरदाना ने बताया कि मेडिकल कौंसिल ऑफ इण्डिया एमसीआई के द्वारा मेडिकल कॉलेज कोटा में पैथॉलोजी में एक सीट की बढोतरी की गई है। अब तक इस विभाग में चार सीटों पर प्रवेश मिलता था। अब एक सीट की बढोतरी के साथ ही पांच सीटों पर प्रवेश मिल सकेगा।