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फर्जी सैन्य दस्तावेज तैयार करने वाले गैंग का पर्दाफाश,कम्प्यूटर सेन्टर की आड़ में गौरखधंधा, ऐसे दबोचा पुलिस ने

Suraksha Rajora

Publish: Nov 27, 2019 22:38 PM | Updated: Nov 27, 2019 22:38 PM

Kota

लेपटॉप, रबड़ मोहरें, डायरियां, पहचान पत्र समेत दस्तावेज बरामद

कोटा. एटीएस कोटा, आर्मी इंटेलीजेंसी, कोटा व हिण्डौन पुलिस ने बुधवार को सेना व सरकार के फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले में हिण्डौन सिटी से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे फर्जी मोहरें, दस्तावेज, पहचान पत्र, कम्प्यूटर व लेपटॉप बरामद किया। आरोपी महज तीन से चार हजार रुपए में सेना, केन्द्र सरकार की योजनाओं से लेकर फर्जी डिग्रियों तक बना डालते थे।

करौली के पुलिस अधीक्षक अनिल बेनीवाल ने बताया कि कुछ समय से करौली जिले के हिण्डौनसिटी कस्बे में व आसपास के गांवों में कुछ व्यक्तियों द्वारा संगठित गिरोह चलाकर भारतीय सेना के गोपनीय दस्तावेजों को फर्जी से तैयार करने व फर्जी आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं बोर्ड की मार्क शीटों, प्रमाणपत्रों में हेराफेरी कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने की भी सूचना मिली।

मामले को गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस एटीएस एंड एसओजी राठौर विनीत कुमार ने एक विशेष टीम का गठन किया। गठित टीम के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एटीएस कोटा हिम्मतसिंह व उनकी टीम व मिलेट्री इन्टेलीजेंस के सहयोग से थाना हिण्डौनसिटी थानाधिकारी प्रभाती लाल व उनकी टीम ने बुधवार को संयुक्त कार्रवाई की।

जिसमें गैंग के दो सदस्यों हिण्डौनसिटी में नई मंडी के चामुंडा कॉम्पलेक्स स्थित शांतिनाथ कम्प्यूटर सेन्टर से आरोपी शैलेष जैन, उसके साथी सहीराम गुर्जर को गिरफ्तार किया। गैंग के दोनों सदस्य कम्प्यूटर की आड़ में भारतीय सेना, शैक्षणिक संस्थान तथा सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं से संबंधित फर्जी कूटरचित कार्ड बनाने का गौरखधंधा काफी दिनों से कर रहे थे।

आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज बनाने में काम आने वाले कम्प्यूटर, लेपटॉप, फर्जी रबड़ की मोहरें, तैयारशुदा कूटरचित आर्मी के पहचान पत्र, पेंशन डायरियां, अंकतालिका तथा अनय उपकरण व खाली प्रोफार्मा बड़ी संख्या में जप्त किए गए। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर इस संबंध में गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है।

प्रारंभिक अनुसंधान के आधार पर गिरफ्तार शुदा आरोपियों शैलेष व सहीराम द्वारा ग्राहकों की सुविधा के अनुसार सभी प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार करने और एक दस्तावेज से तीन-चार हजार रुपए तक ग्राहकों से लेना व आपस में बांटना सामने आया है। पुलिस व सेना के अधिकारी मामले में जांच में जुटे है।

सादी वर्दी में पहुंची टीम, समझते उससे पहले धर दबोचा -
मामले की कार्रवाई के लिए विशेष टीम सादी वर्दी में हिण्डौनसिटी पहुंचे और हिण्डौन थानाधिकारी प्रभातीलाल से संपर्क किया। संपर्क के बाद बेहद सावधानी रखते हुए गुप्त तरीके से पुलिस व एटीएस मौके पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद कर ली। मामले में अन्य आरोपियों के साथ फर्जी दस्तावेज बनवाने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

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