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कृष्ण जन्मोत्सव पर कोटा को मिली सौगात: दुर्वा व फलहारी गणेश इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल

Zuber Khan

Publish: Aug 24, 2019 14:22 PM | Updated: Aug 24, 2019 14:22 PM

Kota

Lord Ganesh, India Book of Record: कोटा में दुर्वा व फलहारी गणेश की अनूठी प्रतिमाओं को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

कोटा . शिक्षा नगरी में कृष्ण-कन्हैया के जन्मोत्सव की धूम मची है। नंदलाला के जन्मोत्सव के कुछ दिन बाद प्रथम पूज्य गणपति का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा, ऐसे में शिवसुत गणपति को मानने वाले भक्तों के लिए भी खुशखबर है। पिछले सालों में दो बार रामधाम आश्रम के पास गणेश महोत्सव के दौरान स्थापित किए गए दुर्वा व फलहारी गणेश की अनूठी प्रतिमाओं को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

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अमर निवास नवयुवक मंडल की ओर से 15 सालों से गणेश महोत्सव मनाया जाता है। मंडल के आशीष बताते हैं कि हर बार ईको फ्रैंडली प्रतिमाएं बनाते हैं। बेटे लक्ष्य व अन्य सहयोगियों के कहने पर 7 अगस्त को ही प्रतिमाओं की डिटेल भेजी थी। 16 को उनके द्वारा बनाई गई प्रतिमाओं में से दो को रिकॉर्ड के लिए चुना गया।

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इतनी सुंदर थी प्रतिमाएं
आशीष के अनुसार दुर्वा से तैयार की गई प्रतिमा को वर्ष 2018 में 13 से 23 सितम्बर तक स्थापित किया था। प्रतिमा को बनाने में एक माह का समय लगा था। वजन करीब 151 किलो व ऊंचाई साढ़े तीन फीट के करीब थी। माटी में दुर्वा के बीज डालकर प्राकृतिक रूप से दुर्वा उगाकर प्रतिमा तैयार की गई थी। इससे पहले 2017 में साबूदाने से फलहारी गणपति को 25 अगस्त से 5 सितम्बर तक झांकी में प्रदर्शित किया था। प्रतिमा का वजन करीब 25 किलो व ऊंचाई साढ़े तीन फीट की थी। तैयार करने में 15 दिन लगे थे।

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कलाकार ने चाहा उसी रूप में ढले गणपति
आशीष ने वर्ष 2004 से गणपति प्रतिमाएं बनाना शुरू किया। वर्ष 2005 से स्थापना करना शुरू किया। इस वर्ष वायु गणेश बनाने की तैयारी की जा रही है।

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रसायन व अन्य वस्तुएं से निर्मित प्रतिमाएं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए ईको फ्रैंडली प्रतिमां तैयार करते हैं। इनमें से 2 प्रतिमाओं को इंडिया बुक ऑफ रिकॉड में शामिल किया है। इसका कन्फरमेशन मेल प्राप्त हो चुका है। यह कोटा शहर के लिए खुशी की बात है।
आशीष शर्मा, अमर निवास नवयुवक मंडल