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हर स्कूल की होगी अपनी ईमेल आईडी, मिलेगा यूनीक कोड...

Mukesh Gaur

Publish: Oct 20, 2019 17:51 PM | Updated: Oct 20, 2019 17:51 PM

Kota

डिजिटाइजेशन मोड पर सीबीएसई : ईमेल-यूनीक कोड से सीधे सीबीएसई के संपर्क में रहेंगे स्कूल

कोटा . सीबीएसई अब डिजिटाइजेशन मोड की तरफ जा रहा है। अब हर स्कूल का ईमेल जनरेट होगा, यूनीक कोड दिया जाएगा। इससे परीक्षा व अन्य समस्याओं को लेकर स्कूल सीधे सीबीएसई के संपर्क में रहेगा। यह बात सीबीएसई कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन डॉ. संयम भारद्वाज ने लॉरेंस एण्ड मेयो स्कूल में कोटा सहोदय स्कूल काम्प्लेक्स से जुड़े स्कूल निदेशक, प्रिंसीपल, संचालकों की बैठक में कही। बैठक में परीक्षा व इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। भारद्वाज ने कहा कि आगामी 10वीं व 12वीं बोर्ड पेपरों में बदलाव हुए हैं। इसके चलते संचालक बच्चों की मदद के लिए सेम्पल पेपर का सहारा लें। भारद्वाज ने कहा कि अब बच्चों की मानसिक, तार्किक शक्ति व ज्ञानवर्धन के लिए आगामी हर एग्जाम में दो सवाल सिलेबस से बाहर से आएंगे। इसके लिए संचालकों को अभी से बच्चों को तैयारी करना शुरू करना होगा। 10वीं बोर्ड परीक्षा में गणित में बेसिक व स्टेंडर्ड का फार्मूला अपनाया है। इसमें कुछ विद्यार्थी बदलाव करना चाहते है, लेकिन यह लॉक हो गया है। इस पर उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के लिए लॉक खोला जाएगा। तब इसमें विद्यार्थी बदलाव कर सकेंगे। बैठक में संरक्षक दीपक सिंह, अध्यक्ष प्रदीपसिंह गौड़, स्कूल निदेशक नकुल विजय, महेश गुप्ता, दिनेश विजय, शलभ विजय, डॉ.परवेज समेत कई स्कूल संचालक मौजूद थे।

कोटा के काम की सराहना
भारद्वाज ने कोटा सहोदय स्कूल काम्प्लेक्स ग्रुप के कामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोटा में ग्रुप के साथ जुड़कर स्कूल अच्छा काम कर रहे है। ग्रुप के अच्छे कार्यों के कारण कोटा देश में तीसरे नम्बर पर है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बिरला के लोकसभा अध्यक्ष बनना कोटा के लिए फायदेमंद साबित होगा।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा
किन्हीं कारणों से बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी नहीं जांच पाने पर सीबीएसई द्वारा लगाए जाने वाला जुर्माना, जिसकी राशि 50 हजार रुपए तक है, इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया। सीबीएसई स्कूल यदि अच्छा काम करें तो उन्हें प्र्रोत्साहन मिलना चाहिए। सीबीएसई की ओर से हर दो से तीन दिन में नए-नए सकुर्लर जारी किए जा रहे है। इससे संचालक परेशान है। स्कूल्स समस्या समाधान के लिए सीबीएसी को अवगत कराता है, लेकिन उसका कोई जवाब तक नहीं मिलता।