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जेके लोन में बच्चों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

Jaggo Singh Dhaker

Publish: Jan 22, 2020 22:49 PM | Updated: Jan 22, 2020 22:49 PM

Kota

आईएमए दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल और बी. मिश्रा ने दाखिल की है।

 

कोटा. राजस्थान में नवजात बच्चों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। याचिका आईएमए दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल और बी. मिश्रा ने दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में राजस्थान में नवजात बच्चों की मौत की जांच कराई जाए। आपको बता दें कि कोटा के जेके लोन अस्पताल में दिसम्बर-2019 में 100 बच्चों की मौत हुई। उसके बाद बूंदी, बारां, जोधपुर व अन्य अस्पतालों में भी बच्चों की मौतों के मामले सामने आए थे।

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दिल्ली तक रही गंूज
अस्पताल में नवजात की मौतों के मामले की गूंज दिल्ली तक पहुंची थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ट्वीट के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रसंज्ञान लेते हुए चिकित्सा-शिक्षा सचिव वैभव गालरिया को कोटा भेजा था। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराई। उसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया कोटा पहुंचे थे। उनके आदेश पर दो पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ व कालीचरण सराफ ने भी कोटा पहुंचकर पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से राज्यपाल को सौंपी। इस मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने भी अस्पताल का दौरा किया था।

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