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उपनगरीय स्टेशन के तौर पर विकसित होगा डकनिया स्टेशन !

Rajesh Tripathi

Publish: Jan 21, 2020 20:57 PM | Updated: Jan 21, 2020 20:58 PM

Kota

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रेलवे अधिकारियों की बैठक ली

 

कोटा। कोटा जंक्शन के पुनर्विकास योजना की पत्रावली से दो साल बाद धूल हटने लगी है और निकट भविष्य में काम शुरू होने की उम्मीद जगी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को डीआरएम कार्यालय के बोर्ड रूम में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने देरी को लेकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से भी बात की। कोटा मंडल की योजनाओं को स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया। बिरला ने कहा, अब पुनर्विकास योजना अंतिम चरण में चल रही है। जब योजना बनी थी तब यह काम नेशनल बिल्डंग कंस्ट्रेक्शन कॉपोर्रेशन (एनबीसीसी) को सौंपा गया था। कंपनी ने इसका प्रस्ताव रेल भूमि विकास प्राधिकरण को भेजा दिया, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। लोकसभा अध्यक्ष के दखल के बाद अब रेलवे इस कार्य को करेगा। इसके लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, अब इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। इस योजना के तहत जंक्शन के प्लेटफार्म अपग्रेड होंगे। सर्कुलेटिंग एरिया का विकास होगा। स्टेशन पर सेल्फी और मिटिंग प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। अतिरिक्त लिफ्ट और स्केलेटर लगेंगे। विशिष्ट श्रेणी का लांज बनेगा। उद्यान विकसित किया जाएगा, पार्किंग और यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। टेरेस गार्डन और रूफ रेस्टोरेंट जैसी सुविधा भी मिलेगी। कोटा और डकनिया तलाब स्टेशन पर बजट होटल का निर्माण किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए। इसमें विधायक मदन दिलावर, संदीप शर्मा, चंद्रकांता मेघवाल, कल्पना देवी, क्षेत्रीय रेल सलाहकार समिति के सदस्य लव शर्मा सहित मंडल के अधिकारी मौजूद रहे।

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इलेक्ट्रीक लोको शेड बनाने की भी योजना

कोटा में एसी इलेक्ट्रीक लोको शेड के निर्माण की भी योजना प्रस्तावित है। इस पर करीब 128.57 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। बजट की इसे स्वीकृति मिली तो इसकी विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। इस शेड में हर माह 100 लोको के रख रखाव की क्षमता होगी। इसके अलावा मेमू ट्रेन के रखरखाव के लिए भी शेड के निर्माण की योजना भी तैयार की गई है। इसका प्रस्ताव भी बोर्ड को भेजा जा चुका है। इसमें 10 मेमू रेक का रख रखाव किया जा सकेगा। इस शेड के निर्माण पर 82.19 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

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