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खौफनाक: कोटा की इस कॉलोनी में मगरमच्छों ने डाला डेरा, घर की दहलीज से आंगन तक छिपी मौत, दहशत में दर्जनों परिवार

Zuber Khan

Publish: Aug 14, 2019 12:35 PM | Updated: Aug 14, 2019 12:35 PM

Kota

Crocodiles: कोटा की कई कॉलोनियों में इन दिनों मगरमच्छों ने डेरा डाले हुए हैं। आए दिन घरों में घुस जाते हैं।

कोटा. बोरखेड़ा क्षेत्र की कई कॉलोनियों में इन दिनों मरगमच्छों ( crocodiles Terror in kota ) ने डेरा जमा लिया है। तेज बारिश के दौरान नालों में आए उफान के साथ ही यहां कई कॉलोनियों में पानी भर गया। इसी के साथ कॉलोनियों में मगरमच्छों का आना भी शुरू हो गया। पानी से निकलकर ये मगरमच्छ घरों की दहलीज तक जा पहुंचते हंै। ऐसे में लोगों में भय का माहौल है। ऐसे हालात उज्जवल विहार, उज्जवल विस्तार, मंशा नगर व अशोक विहार के बने हैं। पत्रिका टीम ने इन कॉलोनियों में जाकर पता किया तो समस्या विकट नजर आई।

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कॉलोनियों में एक से दो फीट पानी
उज्जवल विहार, मंशा नगर व अशोक विहार कॉलोनी में पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान नालों में आए उफान से काफी पानी भर गया। यहां नालियों नहीं होने व पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से एक से दो फिट तक पानी भरा हुआ है। इस पानी में अब बदबू आने लग गई और लार्वा भी पनपने लगा है।

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इनके घरों में आया मगरमच्छ
ये मगरमच्छ सड़कों पर भी आ जाते हैं। रविवार सुबह घर का चैनल गेट खोलने लगा तो सीढिय़ों पर मगरमच्छ था। पत्थर मार कर भगाया। सोमवार को भी घर के पास ही सड़क पर मगरमच्छ नजर आ गया।
राजेश नन्दवाना, उज्जवल विहार

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कॉलोनी में भरे पानी की निकासी का रास्ता नहीं है। एक मगरमच्छ ने तीन-चार दिन पहले गाय पर हमला कर दिया था। जिससे गाय की मौत हो गई। एक मगरमच्छ तो श्वान को पकड़कर पानी में ले गया।
महेन्द्र राठौर, उज्जवल विहार

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कॉलोनी में बारिश का पानी भरा होने से बीमारियां फैलने लगी हैं। रोड लाइटें बंद होने से शाम होते ही मगरमच्छों के डर से बाहर निकलना लोगों ने बंद कर दिया। घरों में बोरिंग का पानी बदबूदार आने लगा है।
कैलाश बाई, मंशा नगर


अफसर दफ्तर से बाहर नहीं निकलते। मगरमच्छों के लिए वन विभाग व निगम की टीम को कई बार सूचना दी। निगम या यूआईटी को इन कॉलोनियों में पानी नहीं भरे इसके लिए बड़े नाले का निर्माण कराना चाहिए।
रामचरण बंजारा, अशोक विहार

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विधायक-पार्षद पर फूटा गुस्सा
पत्रिका टीम ने इन कॉलोनियों के लोगों से बात की। समस्याओं को लेकर नगर निगम, स्थानीय विधायक व पार्षद पर गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बताया कि विधायक बोट मांगने आई थीं, इसके बाद आज तक लोगों के दुख दर्द पूछने तक नहीं आई। स्थानीय वार्ड पार्षद से नालियों के निर्माण या इन तीनों कॉलोनियों के लिए बड़ा नाला बनाने की बात कही, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

इलाके में रह रहे एक दर्जन मगरमच्छ दहशत का पर्याय बने
स्थानीय लोगों ने बताया कि कॉलोनियों में भरे पानी में करीब एक दर्जन मगरमच्छ हैं। लोगों ने दो बड़े व छोटे मगरमच्छ देखे हैं। मगरमच्छ पानी से निकलकर सड़क पर आ जाते हैं। यहीं नहीं घरों की दहलीज तक जा पहुंचते हैं। सड़कों पर जब ज्यादा पानी था तब बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। बच्चों को बाहर खेलने तक नहीं देते। रात में रोड लाइटें बंद होने से कोई बाहर नहीं निकलता। लोगों ने बताया कि मगरमच्छों ने एक श्वान व गाय को अपना शिकार बना डाला।

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फैलने लगीं बीमारियां
मंशा नगर के लोगों ने बताया कि कॉलोनी में भरे पानी में लार्वा पनपने लग गया है। इसी पानी के बीच से लोग पैदल गुजरते हैं। कई लोगों ने खुजली, फोड़े-फुंसी व बुखार जैसी शिकायतें की हैं। लोग बीमार हो रहे हैं।

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मगरमच्छ पकडऩे के लिए वन विभाग की टीम गठित है। यह कहना गलत है कि टीम मगरमच्छ पकडऩे नहीं जाती। कई बार एक साथ एक से अधिक जगह से सूचनाएं मिलती है तो समस्या आती है। मगरमच्छों को अब करीब 60 किलोमीटर दूरी पर छोडऩे जाते हैं, इसमें समय लगता है। इस बीच कोई दूसरी सूचना आ जाती है तो थोड़ी दिक्कत रहती है।
तरुण मेहरा
सहायक वन संरक्षक, वन विभाग