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राष्ट्रीय दशहरा मेला सिने संध्या पर बवाल, नेता प्रतिपक्ष ने कहा मेला समिति ने किया कमीशन का खेल, मुस्लिम समाज भी उतरा विरोध में

Suraksha Rajora

Publish: Sep 20, 2019 23:14 PM | Updated: Sep 20, 2019 23:14 PM

Kota

National Dussehra fair सिने संध्या में गायक सोनू निगम को 58 लाख में बुलाने पर उठाए सवाल, बोले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की राशि में कटौती कर दो बाढ़ पीडि़तों को

कोटा. चुनावी साल में मेला समिति की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम में नामी कलाकारों के कार्यक्रमों पर लाखों रुपए की राशि खर्च करने पर कांग्रेस के पार्षदों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा के पार्षद भी सिने संध्या व पंजाबी नाइट में लाखों रुपए के बजट खर्च करने को औचित्यहीन बता रहे हैं।


प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका व कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद दिलीप पाठक ने सिने संध्या में गायक कलाकार सोनू निगम को 58 लाख रुपए में बुलाने के लिए डाली गई निविदाओं में मेला समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। निविदा की जांच के लिए आयुक्त व राज्य सरकार को पत्र लिखा जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी शर्तें जोड़ी गई कि निविदा प्रक्रिया में अन्य इवेंट कम्पनियां भाग नहीं ले पाई। दो इवेंट कम्पनियों ने ही इसमें भाग लिया था। उन्होंने कहा कि निविदा प्रपत्रों को भरने की लिखावट भी एक ही प्रतीत हो रही है। मिलीभगत कर दरें डाली गई है। टेण्डर में पूल हुआ है। निगम में पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी के कार्यकाल में सिने संध्या में सोनू निगम ने 2.51 लाख रुपए में प्रस्तुति दी थी। उधर पार्षद राखी गौतम ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की राशि में कटौती कर बाढ़ पीडि़तों की मदद में राशि खर्च की जाए।

कार्यवाहक आयुक्त कीर्ति राठौड़ का कहना है कि निविदा प्रक्रिया तो निर्धारित नियमों के तहत ही की गई है। सोनू निगम को बुलाने का निर्णय मेला समिति का है।

मुस्लिम समाज विरोध में उतरा
सिने गायक सोनू निगम को मेले में कार्यक्रम में बुलाने को लेकर मुस्लिम समाज विरोध में उतर गया है। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कार्यवाहक आयुक्त के समक्ष आपत्ति जताई है। मुस्लिम समाज सोनू निगम की किसी टिप्पणी को लेकर विरोध कर रहा है।