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दिव्यांग कोच में अवैध यात्रा पड़ी महंगी, दो दिन में 246 प्रकरण दर्ज

Suraksha Rajora

Publish: Dec 08, 2019 07:00 AM | Updated: Dec 07, 2019 20:44 PM

Kota

ट्रेनों के दिव्यांग कोचों में अपात्र होने के बावजूद यात्रा करने वालों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान में

कोटा. ट्रेनों के दिव्यांग कोचों में अपात्र होने के बावजूद यात्रा करने वालों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान में के तहत बड़ी संख्या में प्रकरण दर्ज हुए ।

ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा के लिए दिव्यांगों और महिलाओं के लिए रेलवे ने अलग कोच की सुविधा दी है। इसके बावजूद इन कोचों में सामान्य यात्रियों का दखल समस्या खड़ी कर रहा है। लगातार शिकायतों के बाद रेलवे बोर्ड ने जब इस पर अभियान चलाया तो बड़ी संख्या में मामले सामने आए।

इस रोकने के लिए अब महिला और दिव्यांग कोचों में अवैध से सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा को बीच में भंग किया जा रहा है। हाल में अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस के अवसर पर 3 और 4 दिसंबर 2019 को विशेष अभियान चलाया गया।

दिव्‍यांगजनों के लिए आरक्षित डिब्‍बों और सीटों पर यात्रा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ 2844 अभियान चलाए। महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्‍बों, सीटों पर अनधिकृत रूप से यात्रा करने वालों व्यक्तियों के खिलाफ 3094 अभियान चलाए गए। इन अभियानों के दौरान कुल 10726 मामले दर्ज किए गए।

इससे इस बात का खुलासा हुआ है रोज हजारों दिव्यांग और महिला यात्रियों को अलग से कोच होने का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। अन्य प्रकरणों को मिलाकर दो दिन में देशभर में 12825 व्यक्तियों को रेलवे अधिनियम की धारा 155 के तहत गिरफ्तार किया गया। इनसे 12.8 लाख रुपए जुर्माना वसूला गया।

पूर्वी रेलवे में सर्वाधिक 1004 मामले सामने आए। उत्‍तर मध्‍य रेलवे में 596 और पश्चिम रेलवे में 576 मामले दिव्‍यांगजनों के लिए आरक्षित डिब्‍बों, सीटों पर यात्रा करने के मामले सामने आए। इनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए। कोटा मंडल में एक ही दिन में 3 दिसम्बर को दिव्यांग कोच में अवैध सफर करते 58 यात्री पकड़े और 4 दिसम्बर महिला कोच में 188 पुरुष यात्री पकड़े गए। दिव्यांग और महिला कोच गार्ड के पास होते हैं, लेकिन स्टेशन पर जब महिला कोच में पुरुष यात्रियों चढ़ते हैं तो गार्ड रोकते नहीं है।

जब रेलवे सुरक्षा बल को शिकायत मिलती या फिर वे जांच करते तभी यह बात सामने आती है। कोटा मंडल में यह बात सामने आई है कि कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर के अलावा अन्य स्टेशनों पर महिला कोच और दिव्यांग कोचों की जांच नहीं की जाती। जब ट्रेन कोटा पहुंचती तो यहां आरपीएफ अवैध यात्रियों को उतारती है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने कोटा मंडल में नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। कोटा मंडल में दिव्यांग और महिला कोचों में सफर करने वाले अवैध यात्रियों की यात्रा को बीच में भंग किया जा रहा है।

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