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दर्दनाक: गर्भवती को डॉक्टरों ने स्वस्थ बताया, दूसरे दिन मौत..

Rajesh Tripathi

Publish: Nov 11, 2019 22:40 PM | Updated: Nov 11, 2019 22:40 PM

Kota

गर्भवती की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा, कोटा के सरकारी और निजी अस्पतालों का हाल

 

कोटा. जिस गर्भवती बीमार महिला को कोटा के तीन अस्पतालों ने भर्ती करने से ही यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह स्वस्थ्य है। उसकी दूसरे दिन जेकेलोन अस्पताल में मौत हो गई। महिला को पहले जेकेलोन अस्पताल ही ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों से गर्मागर्मी के बाद उसे भर्ती नहीं किया था। इसके बाद महिला इधर से उधर भटकती रही। अंत में तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर उसे दुबारा अस्पताल में ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। सोमवार को इलाज के अभाव में गर्भवती की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने एमबीएस अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना पर नयापुरा पुलिस मौके पर पहुंची तथा मामला शांत करवाया।
जानकारी के अनुसार, बूंदी जिले के भोमा का खेड़ा लाडपुर निवासी द्वारिका बाई (32) आठ माह की गर्भवती थी। उसे रविवार सुबह 8 बजे परिजन जेकेलोन अस्पताल लेकर आए। वहां पर उन्होंने सांस की तकलीफ होना बताया। जब महिला स्ट्रेचर पर थी। उसी समय उनके पति के हाथ से फाइल गिर गई। पति सत्यनारायण का आरोप है कि उसी समय डॉक्टर अचानक तेश में आ गए दोनों में कहासुनी हुई और कुछ देर बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे पहले जांच की और सब कुछ नॉर्मल बताया। उसे भर्ती करने से मना कर दिया। उसके बाद वे पहले रिश्तेदार के यहां लेकर गए। उसके बाद दो जगहों पर महिला को निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन उन्होंने भी उसका इलाज करने से मना कर दिया। सोमवार सुबह सात बजे महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उसे एमबीएस अस्पताल लेकर चले गए। वहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। महिला के परिजनों का आरोप है कि उसकी गंभीर स्थिति के बावजूद चिकित्सकों ने उसे भर्ती नहीं किया और उसकी मौत हो गई।

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किसकी यूनिट, किसने देखा पता नहीं

पत्रिका ने जब अस्पताल अधीक्षक से इस मामले में बात की तो उन्होंने कहा कि इस घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उधर, यूनिट हैड आरपी रावत से बात करने की कोशिक की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उसके बाद गायनिक की विभागाध्यक्ष डॉ. ममता शर्मा ने पूरी घटना की जानकारी लेकर बताई, लेकिन उन्हें भी यह पता नहीं है कि ड्यूटी डॉक्टर कौन था?

एक सप्ताह में चौथी घटना
जेकेलोन अस्पताल में हंगामे की यह चौथी घटना है। इससे पहले 8 नवम्बर को छावनी निवासी अनिता के नवजात की मौत हो गई। 9 नवम्बर को मरीज को देखने के नाम पर डॉक्टर से हाथापाई की नौबत आई। उसके बाद इसी दिन शाम को नवजात के कैनूला बदलने को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। सोमवार को प्रसूता की मौत हो गई। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने किसी भी घटना की वस्तुस्थिति जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

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