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जमाना बदला, दौर बदले...नहीं बदला सॉफ्टी का लाजवाब जायका

Mukesh Gaur

Publish: Oct 20, 2019 02:00 AM | Updated: Oct 20, 2019 02:00 AM

Kota

वनीला, स्ट्रॉबैरी या मिक्स फ्रूट फ्लेवर में ग्राहक की मांग के अनुसार होता है बदलाव

कोटा. लोग कहते हैं कि साल दर साल महंगाई बढऩे के साथ सभी वस्तुओं के दाम भी काबू से बाहर हो रहे हैं। हालात यह है कि दस साल पहले 20 रुपए में मिलने वाली वस्तु अब 50 या 80 रुपए तक में मिल रही है। आपको आश्चर्य होगा कि महंगाई के इस दौर में कुछ ऐसा भी है जो पिछले दस साल से नहीं बदला...यह है कोटा दशहरे मेले में मिलने वाली सॉफ्टी की लाजवाब मिठास और इसके दाम। मेले में आज भी यह 10 से 15 रुपए में मिल रही है। मेले में कुछ दुकानदारों ने सॉफ्टी की तीन-तीन दुकानें लगा रखी हैं। ऐसे में दुकानदार मुख्य दुकान पर 20 से 30 रुपए व अन्य दुकानों पर इसी सॉफ्टी को 10 से 15 रुपए में बेच रहे है।

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मेले में 20-25 दुकानें
सॉफ्टी दुकान संचालक प्रमोद लोधा ने बताया कि मेले में 20 से 25 दुकानें सॉफ्टी की ही हैं। इनमें से कुछ दुकानदार सॉफ्टी 20 से 25 रुपए व चॉकलेट फ्लेवर 30 रुपए तक में बेच रहे हैं। कुछ दुकानदार इसे 15 रुपए व 7-8 दुकानदार ऐसे है जो मात्र 10 रुपए में ही सॉफ्टी बेच रहे है। एक समान रेट पर लोधा ने बताया कि अच्छी क्वालिटी के पैसे तो अच्छे ही लगेंगे। ग्राहक सॉफ्टी या चाकलेट फ्लेवर ज्यादा मांगते हैं। दुकानदार सॉफ्टी में वनीला, स्ट्रॉबैरी या मिक्स फ्रूट फ्लेवर ग्राहक की मांग के अनुसार बदलते रहते हैं। व्यापारियों की मानें तो मेले की सभी दुकानों पर करीब 30 से 40 हजार सॉफ्टी रोजाना बिक रही है।

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ऐसे बनती है
दुकानदारों ने बताया कि सॉफ्टी बनाने में मिल्क पाउडर, शक्कर, फ्लेवर व खाद्य रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। अच्छी क्वालिटी की सॉफ्टी बनाने के लिए एक किलो मिल्क पाउडर में 15 से 16 लीटर पानी, 5 किलो शक्कर मिलाई जाती है। कुछ दुकानदार मिल्क पाउडर की जगह सरस या अमूल का दूध भी उपयोग में लेते है। दूध से बनाई सॉफ्टी की कीमत भी ज्यादा होती है। मेले में कई दुकानें ऐसी हैं जो सॉफ्टी पसंद करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ऐसे कुछ व्यापारियों की मेले में सॉफ्टी की 2 से तीन दुकानें है। उनकी मुख्य दुकान पर सॉफ्टी 20 से 25 रुपए तो दूसरी दुकान पर 15 व तीसरी दुकान पर वहीं 10 रुपए में मिल रही है।


जैसा दाम, वैसा स्वाद
सूत्रों ने बताया कि सस्ती सॉफ्टी बनाने में दुकानदार एक किलो मिल्क पाउडर में 15 की जगह 30 से 40 लीटर पानी मिला देते है। शक्कर का भाव ज्यादा होने से लोग शक्कर की जगह सेक्रिन का इस्तेमाल करते हैं, इससे लागत कम आती है, माल भी ज्यादा बनता है। एक किलो शक्कर 36 रुपए में मिलती है, जबकि 500 ग्राम सेक्रीन का डिब्बा 160 रुपए में मिल जाता है। करीब 100 ग्राम सेक्रीन दो सौ से तीन सौ किलो पानी को मीठा कर देती है।