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चंबल का उफान थमा, खेतों और कराइयों में फंसे घडिय़ाल-मगरमच्छ

Deepak Sharma

Publish: Sep 20, 2019 01:15 AM | Updated: Sep 20, 2019 01:15 AM

Kota

कोटा . चंबल का उफान थम गया, लेकिन घडिय़ाल और मगरमच्छ कराइयों व खेतों के बीच फंसे रह गए। कोटा बैराज से पानी की निकासी के दौरान मगरमच्छ बह कर निचले इलाकों में आ गए। बाढ़ का पानी उतरने जाने के बाद वे खेतों में फंसे रह गए।

कोटा . चंबल का उफान flood in chambal river थम गया, लेकिन घडिय़ाल और मगरमच्छ कराइयों व खेतों के बीच फंसे रह गए। कोटा बैराज से पानी की निकासी के दौरान मगरमच्छ बह कर निचले इलाकों में आ गए। बाढ़ का पानी उतरने जाने के बाद वे खेतों में फंसे रह गए।
बूंदी के केशवरायपाटन में बीते तीन दिन में घडिय़ाल और मगरमच्छ दिखने के कई मामले सामने आ चुके। जिन्हें ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने पहुंचकर फिर से चंबल में छोड़ा।

after flood Crocodile trapped in fields.

चंबल में पानी इतना हो गया कि बूंदी जिले की मेज और चाकन सहित कई नदियों का बहाव थम गया। ऐसे में चंबल के मगरमच्छ इन नदियों में पहुंच गए। जब पानी कम हुआ तो इन्हीं नदियों के किनारों पर अटक गए। जानकार सूत्रों ने बताया कि वहीं चंबल के तेज बहाव में जामुनिया द्वीप के टापुओं से भी कई मगरमच्छ और घडिय़ाल आगे बह गए।

गुडली गांव के तालाब में एक सप्ताह से मगरमच्छ डेरा डाले हुए हंै। वन विभाग की टीम उसे पकड़ नहीं पा रही। खटकड़ कस्बे से निकल रही मेज नदी में गुरुवार को पुलिया से 200 मीटर दूरी पर मगरमच्छ दिखाई पड़ा। जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया।

कोटा बैराज से हुई जल निकासी से मगरमच्छ निकल आए हैं। जिन-जिन जगहों से जानकारी मिल रही हैं, इन्हें पकड़कर चंबल में छुड़वा रहे हैं।
सुमित कन्नोजिया, वनपाल राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य