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पानी में डूबे किसानों के अरमान, 80 फीसदी सोयाबीन की फसल खराब

Rajesh Tripathi

Publish: Aug 18, 2019 08:00 AM | Updated: Aug 17, 2019 23:55 PM

Kota

प्रशासन ने दिए तहसील स्तर पर सूचना करने का आदेश

 

मोईकलां (कोटा )पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से खेत पानी से लबालब नजर आ रहे हैं। पानी के भराव की हालत यह है कि खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल आगामी 15 दिन तक भी नजर नहीं आएगी।
बारिश से एक ओर जहां लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ वहीं किसानों की सोयाबीन की फसल चौपट हो गई। कुछ खेतों से पानी उतर भी गया तो उसमें मिट्टी जमने से फसल तबाह हो गई। किसान प्रकाशचन्द सुमन, पवन यादव, पवन गोयल, महेन्द्र कुमार यादव व रमेशचन्द नागर ने बताया कि मेगा हाइवे के आस-पास स्थित खेतों की स्थिति ऐसी हो गई है कि खेत तलाई की तरह नजर आने लगे हैं। धान की फसल को छोड़ दिया जाए तो सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।

80 प्रतिशत तक खराब

कमोलर, खडिय़ा, लबानिया, बपावर, लटूरी व मोईकलां पंचायत क्षेत्र के किसानों की मानें तो कहीं पर 50 फीसदी तो कहीं 80 फीसदी सोयाबीन की फसल तहस-नहस हो चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष राजाराम शर्मा व उपसरपंच योगेन्द्र मेरोठा ने सांगोद उपखण्ड अधिकारी को फसल नुकसान को लेकर अवगत कराया है। सरपंच कृष्णमुरारी यादव ने बताया कि फसल के नुकसान का सर्वे कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई है। बारिश से कुछ लोगों के कच्चे घरों को भी नुकसान हुआ है। मोईकलां में भी कच्चे मकान गिरने की जानकारी है। हालांकि शनिवार को मौसम साफ रहा।

तहसील कार्यालय में दें सूचना

तहसील क्षेत्र के सभी पटवारियों को आदेश जारी कर कहा गया है कि कहीं भी मकान गिरने, पशुओं की जान जाने या फसल जलमगन हो रही हो तो उसकी सूचना समय पर तहसील कार्यालय को भिजवाएं। किसी को ज्यादा ही नुकसान होना सामने आया हो तो ऐसे पीडि़त सीधे तहसील कार्यालय पर भी सूचना दे सकते हैं।
संजीव कुमार शर्मा उपखण्ड अधिकारी सांगोद।