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बाढ़ में 39 करोड़ से ज्यादा की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान, हाड़ौती में 385 गांव और बस्तियां हुई थी जलमग्न,

Suraksha Rajora

Publish: Sep 21, 2019 19:11 PM | Updated: Sep 21, 2019 19:11 PM

Kota

राज्यपाल ने आपदा की ऐसी स्थिति में सभी के निरन्तर सहयोग की अपेक्षा

कोटा. संभाग में कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिले में बाढ़ के हालात में 385 गांव और बस्तियां जलमग्न हुई। अब तक के सर्वे के आधार पर 39 करोड़ रुपए से ज्यादा की सार्वजनिक सम्पत्ति का नुकसान हुआ है, जिसके लिए सरकार द्वारा विभागों को बजट दिया जाएगा। इसके अलावा करोड़ों की निजी संपत्ति का नुकसान भी हुआ है।

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जिलों में राहत कार्यों के दौरान 103 आश्रय स्थलों में 88 हजार से अधिक भोजन पैकिट व अन्य राहत सामग्री का वितरण किया गया है। इस बारे में कोटा आए राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा,प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रशासन को आवश्यक निर्देश दे चुके हैं।

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आपदा की स्थिति में बचाव, राहत और पुनर्वास तीन प्रमुख कार्य होते हैं। तीनों स्तरों पर स्थानीय प्रशासन ने जिस गति के साथ बचाव एवं राहत कार्य किए, उससे जनजीवन सामान्य होने लगा है। यह सराहनीय कार्य है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पूर्व अनुमान के आधार पर जिलों में आपदा राहत कोष से राशि आवंटित कर दी गई थी। इससे आम लोगों को जल्दी राहत मिल सकी है।

आपदा राहत विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों को बर्तन और कपड़ों के लिए लिए 3800 रुपए प्रति परिवार की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में दी गई है। राज्य सरकार की यह पहल मानवता और संवेदनशीलता के आधार पर सराहनीय है।

राज्यपाल ने आपदा की ऐसी स्थिति में सभी के निरन्तर सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सामाजिक व धार्मिक संगठन भी सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं, यह अच्छी परम्परा है। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं का आह्वान किया कि वे इस विषम परिस्थिति में लोगों की मदद के लिए आगे आएं।