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घूस लेने के आरोपी उप निरीक्षक व कांस्टेबल को तीन साल कारावास,फरियादी को पक्ष द्रोही होने पर नोटिस जारी

Suraksha Rajora

Publish: Oct 21, 2019 21:24 PM | Updated: Oct 21, 2019 21:24 PM

Kota

bribery case 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड से किया दंडित

कोटा. 3 हजार रुपए की रिश्वत के करीब 12 वर्ष पुराने मामले का निस्तारण करते हुए एसीबी विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने सोमवार को उप निरीक्षक व कांस्टेबल को 3 वर्ष का कारावास व 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं परिवादी व सहपरिवादी को पक्षद्रोही घोषित करते हुए मिथ्या साक्ष्य देने पर फरियादी को धारा 344 के तहत नोटिस जारी कर तलब करने के आदेश दिए।

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लोक अभियोजक अशोक कुमार जोशी ने बताया कि 9 सितम्बर 2007 को बूंदी के देई थानाक्षेत्र के गांव खजूरी निवासी हनुमान प्रसाद एवं सहपरिवादी कजोड़ मीणा ने बूंदी एसीबी को दिए परिवाद में बताया कि उसके बेटे मैनेजर के खिलाफ गांव के एक जने ने उसकी बेटी को रास्ते में छेडऩे का मामला दर्ज करवाया। इस मामले में उप निरीक्षक अब्दुल रशीद ने मामला सुलझाने की एवज में तीन हजार रुपए की मांग की। 9 सितम्बर को 500 रुपए की राशि लेने से मामले का सत्यापन हो गया।

एसीबी ने 11 सितम्बर को पुलिस उप निरीक्षक अब्दुल रशीद व कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह को 1500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में खजूरी निवासी हनुमान प्रसाद एवं सहपरिवादी कजोड़ मीणा के पक्षद्रोही घोषित होने के मामले में न्यायालय ने दोनों को मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत करने के मामले में नोटिस जारी कर तलब करने के आदेश दिए हैं।