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इंटरनेशनल स्पेस यूनिवर्सिटी पहुंची छत्तीसगढ़ की नित्या पांडे, मिली 14 लाख की कल्पना चावल स्कॉलरशिप

Akanksha Agrawal

Publish: Jul 23, 2019 10:07 AM | Updated: Jul 23, 2019 10:07 AM

Kondagaon

बस्तर के आदिवासी बाहुल्य कोंडागांव जिले की नित्या इस साल कल्पना चावला स्कॉलरशिप (Kalpana Chawla Scholarship) प्रोग्राम के तहत चयनित होकर फ्रांस पहुंची हैं।

कोंडागांव. फ्रांस के इंटरनेशनल स्पेस यूनिवर्सिटी (International Space University) में विश्व स्तर के खगोलशास्त्री व शोधार्थियों की निगाहें सोमवार को टीवी स्क्रीन से चिपकी हुई थी। स्क्रीन पर भारत के चंद्रयान मिशन (Chandrayaan 2) की गतिविधियों को वे टकटकी लगाए देख रहे थे। इसके साथ सबसे ज्यादा चमक जिस चेहरे पर थी, वह नित्या पांडे का था।

दरअसल नित्या भारत के उन चार मेधावी स्कालर्स में से एक है जो इस यूनिवर्सिटी में रहकर 65 दिन का फेलोशिप कर रही है। बस्तर के आदिवासी बाहुल्य कोंडागांव जिले की नित्या इस साल कल्पना चावला स्कॉलरशिप (Kalpana Chawla Scholarship) प्रोग्राम के तहत चयनित होकर फ्रांस पहुंची हैं। इसके तहत 14 लाख रुपए मिले थे। फेलोशिप प्रोग्राम 24 अगस्त को पूरा हो जाएगा। इसके बाद वो वहीं रहकर पीएचडी करना चाहती हैं। पीएचडी के लिए आरटीसी बाकी हैं।

स्कॉलरशिप लेकर नित्या स्पेस यूनिवर्सिटी में खगोल वैज्ञानिकों (Astronomers) के बीच रहकर अपना अध्ययन पूरा कर रही हैं। कल्पना चावला को आदर्श मानने वाली नित्या के पिता बीपी पांडे स्थानीय महात्मा गांधी वार्ड स्थिति स्कूल में प्रधानपाठक हैं। उन्होने बताया कि नित्या की स्कूली शिक्षा बनियागांव के सरकारी स्कूल व सरस्वती शिशु मंदिर कोंडागांव में हुई हैं। उसके बाद बीएससी स्थानीय पीजी कॉलेज से करने के बाद एस्ट्रोफिजिक्स में MSC के लिए पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय एडमिशन लिया और वर्ष 2018 में वह प्रथम श्रेणी से पास हुई।

एस्ट्रोफिजिक्स में एमएससी के बाद मिली स्कॉलरशिप
नित्या ने बताया कि एमएससी एस्ट्रोफिजिक्स से करने के बाद खगोल विज्ञान का अध्ययन करती रही। इसी बीच उसका चयन कल्पना चावला स्कॉलरशिप के लिए हो गया। वह उन 4 युवाओं में शामिल हैं, जिन्हें फ्रांस इंटरनेशनल स्पेस यूनिवर्सिटी में पढऩे का मौका मिला है। नित्या ने अपना लक्ष्य तय किया है कि एक दिन वह अंतरिक्ष में जरूर जाएगी। नित्या के पिता ने बताया, अगर स्कॉलरशिप के दौरान उसका प्रदर्शन बेहतर रहता है तो उसे भविष्य में अंतरिक्ष में जाने का मौका मिल सकता है।

अंतरिक्ष में कदम रखने की तमन्ना
नित्या खगोलीय भौतिक के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती है। उसने 2017 में समर रिसर्च स्कॉलरशिप (Summer research scholarship) के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु (Indian institute of science bengaluru) व ARIES सेंटर नैनीताल में प्रोफेशनल ट्रेनिंग की है। उसकी तमन्ना अंतरिक्ष में कदम रखने का है।

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