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संस्कारों से होता है मन स्वतंत्र

Kali Charan kumar

Publish: Aug 14, 2019 19:58 PM | Updated: Aug 14, 2019 19:58 PM

Kishangarh

आर्यिका विज्ञाश्री ने आचार्य धर्मसागर विद्यालय में दिए प्रवचन

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मदनगंज-किशनगढ़. तेली मोहल्ला स्थित आचार्य धर्मसागर दिगंबर जैन उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को आर्यिका विज्ञाश्री ससंघ ने प्रवचन दिया। कार्यक्रम का प्रारंभ आर.के. परिवार के कंवरलाल पाटनी, मुनिसुव्रतनाथ पंचायत अध्यक्ष विनोद कुमार पाटनी, कोषाध्यक्ष चेतन प्रकाश पांड्या एवं धर्मसागर विद्यालय समिति अध्यक्ष माणकचंद गंगवाल, सचिव मिलापचंद जैन, संस्था प्रधान ओमप्रकाश पायक ने आचार्य शांतिसागर, वर्धमान सागर, धर्म सागर एवं विराग सागर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। धर्म सागर विद्यालय समिति के पदाधिकारियों सदस्यों एवं स्टाफ ने आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ससंघ का विद्यालय में स्वागत अभिनंदन किया। संस्था सचिव मिलाप चंद जैन ने विद्यालय का परिचय देते हुए विद्यालय में संचालित धर्म शिक्षा की जानकारी दी। आर्यिका विज्ञाश्री ने भारत माता एवं भारत के शहीद सपूतों का स्मरण करते हुए प्रवचन देते हुए मन की स्वतंत्रता के बारे में विस्तार से बताया। भारत में राम, रहीम, महावीर, कबीर, मीरा, श्रवण कुमार को जन्म दिया। इसलिए इस देश को भारत माता कहते हैं। बच्चों का जीवन एक प्लाट के समान है जिसको साफ सुथरा कर संस्कार युक्त निर्माण करना है। शिक्षकों को शिल्पकार बनकर ज्ञानी की छेनी और संस्कार का हथोड़ा दोनों एक साथ चलना चाहिए। अंत में विद्यार्थियों से प्रवचन पर आधारित प्रश्न पूछे गए। जिनका सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों प्रियंका चौहान, रोमा मुलानी, अंतिमा साहू, राहुल मीणा, अविनाश को संस्था अध्यक्ष माणकचंद गंगवाल ने पुरस्कृत किया।
कार्यक्रम में मोहनलाल पाटनी, पारसमल पांड्या, कमल बैद, कैलाश पाटनी, कन्हैयालाल बडज़ात्या, पार्षद राजकुमार बडजात्या, इंदरचंद पाटनी, अशोक पापल्या, दिनेश पाटनी, दिनेश पाटनी, गणेश मल झांझरी, मांगीलाल झांझरी सहित विद्यालय समिति के महावीर बडज़ात्या, पारस मल अजमेरा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन संस्था सचिव मिलाप चंद जैन ने किया।