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रूपनगढ़ की माटी से तैयार हो रहे है जांबाज

Amit Kakra

Publish: Sep 10, 2019 12:53 PM | Updated: Sep 10, 2019 12:53 PM

Kishangarh

तहसील के गांव और ढाणियों के युवकों में सेना में भर्ती होने को लेकर उत्साह

अमित काकड़ा
मदनगंज-किशनगढ़.
जिस उम्र में युवा कॉलेज में भर्ती होने और यहां वहां चिल आउट करने की सोचते है। उस उम्र में रूपनगढ़ कस्बे के युवा देश की फौज का हिस्सा बनने के लिए पसीना बहा रहे है। तो कई युवा फौज के साथ कदम ताल कर रहे है। बीते कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डाले तो अजमेर जिले के रूपनगढ़ कस्बे के युवाओं ने फौज को अपने करियर के रूप में चुना है।
रूपनगढ़ कस्बे की मोटी से से जन्मे आज भी कई युवा फौज में अपनी सेवाएं दे रहे है और कई भर्ती के लिए दिन रात तैयारियों में जुटे हुए है। रूपनगढ़ के भकरालिया, काठोदा, पालड़ी, जाखोलाई, आदरवा, जावली, छापरी, ढेर, शिवपुरा एवं अन्य गांव और ढाणियों से युवक सेना में है।
रोज सुबह लगाते है दौड़
सेना की भर्ती के लिए तैयारियों में जुटे चैनाराम ने बताया कि उन्होंने 12 वीं कक्षा की परीक्षा समाप्त होने के साथ ही फौज में भर्ती होने के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। वह रोज सुबह जल्दी उठ कर गांव के मैदान में दौड़ लगतो है। सेना में भर्ती होने का मानस तो १० वीं कक्षा से ही तैयार कर लिया है और उसी के लिए रोज पसीना बहाते है और पढ़ाई करते है। छुट्टी पर आए फौजी भी इनका मार्गदर्शन करते है।
बार-बार करते है प्रयास
गांव के हरिराम जाट ने बताया कि तहसील के हरेक गांव और ढाणी में 10 से अधिक युवक सेना में है। हरिराम जाट ने बताया कि उन्होंने भी तैयारी की थी, लेकिन मेडिकल में अनफिट होने के कारण वह फौज का हिस्सा नहीं बन सके। इसका उन्हें मलाल भी है।
शहीद के हेमराज के साथ और भी हुए थे भर्ती
शहीद हेमराज जाट की सेना भर्ती झालावाड़ में हुई सेना भर्ती में हुई थी। इस भर्ती में रूपनगढ़ क्षेत्र के और भी युवक भर्ती हुए थे। जो कि अलग अलग जगह तैनात है। शहीद हेमराज जाट के साथ नयागांव से नंदाराम, शिवनगर से प्रहलाद चौधरी, थल से श्रवणलाल बानिया, मानपुरा से जतन जाट, सलेमाबाद निम्बार्क तीर्थ से राजेन्द्र और रूपनगढ़ से चेतराम भी फिलहाल सेना में सेवाएं दे रहे है। इनके अतिरिक्त कई युवक हाल ही में सेना भर्ती की शारीरिक दक्षता में भी सफल हुए है।
सीमाओं पर है हमारे सैनिक
अपनी छुट्टियों में घर आए कई युवा सैनिक भी शहीद हेमराज जाट के अंतिम संस्कार में शामिल होकर अपने साथी शहीद सैनिक को अंतिम विदाई दी। फिलहाल सेना में सेवाएं दे रहे क्षेत्र के मांगीलाल जाट, रामावतार, धनराज चौधरी भी शहीद हेमराज जाट की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और अपने साथी रहे शहीद को भावभीनी विदाई दी।