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तंबाकू का कहर, 24 घंटे में 277 मरीजों की मौत

Shribabu Gupta

Publish: May 31, 2017 18:08 PM | Updated: May 31, 2017 18:08 PM

Kishanganj

तंबाकू जीवन में कितना घातक हो सकता है इसका सीधा उदाहरण यहां बिहार में देखने को मिला है। तंबाकू अभी भी मौत का एक प्रमुख कारण बना हुआ है...

किशनगंज। तंबाकू जीवन में कितना घातक हो सकता है इसका सीधा उदाहरण यहां बिहार में देखने को मिला है। तंबाकू अभी भी मौत का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। राज्य में तंबाकू जनित बीमारियों से 24 घंटे में 277 मरीजों की मौत हो जाती है। 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है।

बताया गया है कि इसके साथ ही इन उत्पादों के सेवन से जहां पुरुषों में नपुंसकता बढ़ रही है वहीं महिलाओं में प्रजनन क्षमता भी कम होती जा रही। पीएमसीएच कैंसर रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीएन पंडित का कहना है कि तंबाकू चबाने से मुंह, गला, अमाशय, यकृत और फेफड़े के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

जानकारी के अनुसार तंबाकू निषेध दिवस को लेकर मंगलवार की सुबह जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक वायस आफ टोबैको विक्टमस के तत्वावधान में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में पीएमसीएच, पटना एम्स, महावीर कैंसर संस्थान, रेटरी क्लब से जुड़े डॉक्टर एवं समाजसेवियों ने काफी संख्या में भाग लिया।

वहीं पीएमसीएच के कैंसर रोग विभाग द्वारा तंबाकू एवं कैंसर विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों से होने वाली बीमारियों और मौतों की रोकथाम को ध्यान में रखकर इस वर्ष 2017 का थीम ‘विकास में बाधक तंबाकू उत्पाद ’ रखा है।

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार एक सिगरेट से 11 मिनट व पूरा पैकेट से तीन घंटे चालीस मिनट जिंदगी कम हो जाती है। तंबाकू व धूम्रपान उत्पादों के सेवन से देशभर में प्रतिघंटा 137 लोग की मौत हो जाती है। वहीं दुनिया में प्रति 6 सेकेंड एक व्यक्ति की मौत इसके कारण हो रही है।

2010 में वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण (गेट्स)के अनुसार बिहार में 53.5 प्रतिशत करीब 3 करोड़ 66 लाख 3 हजार 417 लोग किसी ना किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं और इनमें से 1 लाख 24 हजार लोगों की मृत्यु तंबाकू से संबधित रोगों के कारण प्रतिवर्ष हो जाती है। भारत में 48 फीसदी पुरुष और 20 फीसदी महिलाएं किसी न किसी रुप में तंबाकू का प्रयोग करती हैं। देश की 20 प्रतिशत महिलाएं सिगरेट एवं अन्य धूम्रपान उत्पादों के सेवन का शौक रखती हैं।

इनमें देश के साथ-साथ प्रदेश की शहरी व ग्रामीण महिलाएं भी शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि सन् 2050 तक 2.2 अरब लोग तंबाकू या तंबाकू उत्पादों का सेवन करेंगे।मंगलवार को जेपी गोलंबर के पास तंबाकू का पैकेट जलाते विभिन्न संगठनों के लोग।

कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. वी.पी सिंह ने बताया कि तंबाकू उद्योग द्वारा तंबाकू की दुनिया के प्रति युवकों को आकर्षित करने के लिए हर दिन नए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में हुए रिसर्च में सामने आया है कि तंबाकू का सेवन करने वालों के जीन में भी आंशिक परिवर्तन होते हैं। जिससे केवल उस व्यक्ति में ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों में भी कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।