स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पेंशन के लिए परेशान हो रही विधवा, न्यायालय के आदेश पर भी नहीं मिला न्याय

Manish Arora

Publish: Dec 25, 2019 12:56 PM | Updated: Dec 25, 2019 12:56 PM

Khandwa

-जनसुनवाई में पहुंचकर लगाया बीईओ पर रिश्वत लेकर भी काम नहीं करने का आरोप
-मौजीलाल फिर पहुंचा प्रशासन के दर, अब लगाई नौकरी की गुहार

खंडवा. जनसुनवाई में मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। किसी ने विधवा पेंशन के लिए तो किसी ने विकलांग पेंशन के लिए तो किसी ने अर्जित अवकाश के लिए गुहार लगाई। हरसूद से आई अंजुला यादव ने जनसुनवाई कर रही कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल के सामने गुहार लगाते हुए कहा कि तीन साल पहले उनके सहायक शिक्षक पति का निधन हुआ था। तब से उनहें पूरी पेंशन नहीं दी जा रही है। जीपीएफ, बीमा राशि सहित अन्य भुगतान भी बाकी है। उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई थी, जिसमें हाई कोर्ट ने विभाग को 90 दिन के अंदर राशि देने को कहा था। उक्त राशि अब तक नहीं मिली है। इसके लिए बीईओ व बाबू द्वारा उनसे 1.75 लाख रुपए की रिश्वत भी ली गई है। इस पर कलेक्टर ने उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में ग्राम फेफरी सरकार खालवा के शांतिलाल जगदेवे ने कलेक्टर सुंद्रियाल को आवेदन देकर बताया कि उसका 9 वर्षीय पुत्र विकलांग है। उसे विकलांग पेंशन या विकलांग छात्रवृत्ति नही मिल रही है अत: दिलाई जाए, जिस पर उन्होंने उपसंचालक सामाजिक न्याय को संबंधित को पात्रता अनुसार मदद करने के निर्देश दिए। ग्राम सक्तापुर निवासी रजनी बाई ने पात्रता पर्ची की मांग की तथा कहा कि वह अत्यन्त गरीब है तथा उसे रियायती दर पर खाद्यान्न नही मिल रहा है। कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी को आवेदिका की पात्रता के आधार पर उसे पात्रता पर्ची दिलाने के निर्देश दिए। मूंदी की रुकमणी बाई ने बताया किया कि वह स्वास्थ्य विभाग में आया के पद पर कार्यरत थी। उनके अर्जित अवकाश से संबंधित भुगतान रिटायमेंट हो जाने के बावजूद भी आज तक नही मिला है। कलेक्टर ने सीएमएचओ को संबंधित की पात्रता अनुसार भुगतान कराने के निर्देश दिए।
मौजीलाल ने मांगी नौकरी
2007 से गोराडिया नहर के कारण दलदली जमीन होने से परेशान किसान मौजीलाल निवासी हंतिया ने एक बार फिर जनसुनवाई में पहुंचकर गुहार लगाई। अपनी समस्या का निराकरण नहीं होता देख इस बार मौजीलाल ने नौकरी की मांग की। मौजीलाल ने कहा कि जमीन दलदल होने से वो खेती नहीं कर पा रहा है। परिवार के जीवन यापन के लिए उसे एनवीडीए में चौकीदार की नौकरी दिलाई जाए। मामले में कलेक्टर ने जल्द ही उसकी समस्या के निराकरण की बात कही। वहीं, नेत्रों से दिव्यांग छात्र रामकरण ने लेपटॉप के लिए आवेदन दिया। उसने कहा कि 2017-18 में उसने राज्य स्तरीय परीक्षा में 74 प्रतिशत अंक प्राप्त कर लेपटॉप की पात्रता हासिल की थी। उसे आज तक लेपटॉप नहीं मिल पाया है। कलेक्टर ने उसे भी जल्द लेपटॉप दिए जाने की बात कही। छनेरा निवासी स्वयं यादव ने बताया कि उसके पिता रामचंद्र यादव की मृत्यु गत दिनों हुई थी। उनके स्थान पर किसी अमित यादव के नाम से संबंल योजना के तहत राहत राशि का भुगतान किया गया है तथा उसे भुगतान नही मिला है। जिस पर कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी छनेरा को मामले की जांच कर दोषी व्यक्ति खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

[MORE_ADVERTISE1]