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बीआरसी पहुंचे स्कूल देखा तो बच्चे हाथ मे रोटी लेकर खा रहे थे

Manish Arora

Publish: Jan 14, 2020 17:01 PM | Updated: Jan 14, 2020 17:01 PM

Khandwa

-कहीं मिली बच्चों की कम उपस्थिति, तो कहीं पर मेन्यू अनुसार भोजन नहीं
-बनाया पंचनामा, कार्रवाई के लिए भेजेंगे उच्च अधिकारियों को
-पत्रिका ने किया था खबर प्रकाशन, जिसके बाद शाला पहुंचे जिम्मेदार

खंडवा. आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी, शिक्षण कार्य में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत के बाद सोमवार को बीआरसी ने माध्यमिक, प्राथमिक शालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान किसी स्कूल में बच्चे हाथ में लेकर रोटी खा रहे थे, तो किसी स्कूल में मध्याह्न भोजन मेन्यू अनुसार नहीं दिया जा रहा था। किसी स्कूलों में समूह के पास पर्याप्त बर्तन भी नहीं मिले। कई स्कूलों में तो बच्चों की उपस्थिति भी कम थी। बीआरसी महेश भोरगा ने मौके पर पंचनामा बनाया जिसे कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
सोमवार को बीआरसी अपने दल के साथ क्षेत्र की शालाओं के निरीक्षण के लिए पहुंचे। भ्रमण के दौरान उन्होंने टिगरिया, खोरदा, मामाडोह, टिमरनी, खमलाय, जामनिया के प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण किया। प्राथमिक शाला खमलाय में मध्याह्न भोजन मेन्यू अनुसार नहीं पाया गया। यहां आलू टमाटर की सब्जी की बजाए बच्चों को पानी जैसी पतली दाल परोसी गई थी। यहां बर्तन सामग्री भी नहीं थी। बच्चों को थाली की जगह हाथ में रोटी लेकर खाना पड़ रहा था। सब्जी के लिए भी बच्चे घर से प्लेट लेकर आए थे। एक प्लेट में दो बच्चों को दाल परोसी गई थी। समूह ने इस संबंध में बर्तन चोरी होने की बात कही। ग्राम टिगरिया में भी मेन्यू अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी के मामले में पत्रिका ने 7 जनवरी को प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया था। जिसके बाद जिम्मेदारों ने शालाओं में पहुंचकर हकीकत जानी।
बच्चों से प्रश्न पूछकर जाना शैक्षणिक स्तर
भ्रमण के दौरान बीआरसी को मामाडोह की माध्यमिक स्कूल में समूह द्वारा घर से भोजन बनाकर लाते मिले। इस संबंध में शिक्षक ने बताया कि भोजन कक्ष 3 साल से अधूरा पड़ा है, इसी वजह से समूह को घर से खाना बनाकर लाना पड़ रहा है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी कम पाई गई। जिस पर बीआरसी ने शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के अभिभावकों को समझाएं जिससे वह बच्चों को स्कूल भेजे। बीआरसी ने बच्चों की किताब से प्रश्न पूछ कर उनका शैक्षणिक स्तर परखा। जिसमें कई बच्चे हिंदी तक ठीक से नहीं पढ़ पाए।
पंचनामा बनाकर भेजा सीईओ को
स्कूलों का दौरा किया जा रहा है, निरीक्षण में जहां भी मेन्यू अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है, वहां का पंचनामा बनाकर जिला पंचायत सीईओ को भेजा जा रहा है। स्कूलों में उपस्थिति के बारे में शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों के पालकों से संपर्क कर शालाओं में उपस्थिति बढ़ाएं।
महेश भोरगा, बीआरसी खालवा

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