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जालसाज की जेल में नौटंकी, बीमार होने का बहाना तो कभी कर रहा दवाइयों की डिमांड

Jitendra Tiwari

Publish: Jan 26, 2020 00:59 AM | Updated: Jan 26, 2020 00:59 AM

Khandwa

शासकीय विभागों के फर्जी आदेश जारी कर जालसाजी करने का मामला

खंडवा. शासकीय विभागों में नौकरी, स्थानांतरण, जेल से रिहाई सहित अन्य फर्जी आदेश बनाने और लोगों से रुपए ऐंठने वाला जालसाज जिला जेल में तबीयत खराब होने की नौटंकी कर रहा है। शनिवार को आरोपी अनिरुद्ध मोतेकर निवासी सुभाष नगर ने जेल में बीमार होने और दवाइयों की जरुरत होना बताया। जेल प्रबंधन से उपचार की मांग की। वह बार-बार बीमार रहने की बात कह रहा है। स्थितियों को देख प्रबंधन ने जिला अस्पताल से जेल डॉक्टर को बुलवाया। डॉक्टर ने पहुंचकर आरोपी अनिरुद्ध का चेकअप किया। उसकी समस्याओं को सुना, लेकिन जांच में डॉक्टर ने उसे स्वस्थ्य बताया है। वह लगातार जेल में नौटंकी कर रहा है। यहां बता दें गिरफ्तारी के दौरान मोघट थाने में भी आरोपी उल्टियां करने और तबीयत खराब होने का बहाना बना रहा था। इधर, आरोपी के कब्जे से जब्त जेल में बंद बंदियों के रिहाई के फर्जी आदेशों की जांच की गई। वहीं जेल से जानकारी निकाली। उक्त फर्जी आदेशों से संबंधित बंदी जेल में ही मिले है। एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह ने जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी से जेल के एक साल के दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।

विभागों को पत्र लिखकर मांगी जानकारी
कार्रवाई में आरोपी के पास से बरामद हुए फर्जी आदेशों को देखते हुए पुलिस बारीकि से जांच कर रही है। वहीं फर्जी आदेशों के पालन की स्थितियां जानने के लिए भोपाल सहित जिले के शासकीय विभागों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। वहीं सील बनाने वाली दुकानें की जांच कराई जा रही है। आरोपी ने किस दुकान से फर्जी सीलें बनवाई है, इसकी जानकारी निकाली जा रही है।

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चार फरियादी आए सामने, पुलिस ने बयान लिए
आरोपी मोतेकर की जालसाजी के शिकार हुए चार पीडि़त शनिवार को मोघट थाने पहुंचे। इसमें आरोपी ने किसी को लोन दिलाने तो किसी का बीमा कराने के नाम पर ठगा है। पुलिस ने उक्त पीडि़तों के बयान लिए हैं। बयानों की जांच कर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही फर्जी लीज और अनुज्ञा पत्रों की भी जांच कर रही है। मामले में जल्द बड़े मामले का खुलासा हो सकता है।

वर्जन...
शासकीय विभागों से फर्जी आदेशों के संबंध में जानकारी निकाली जा रही है। वहीं जेल में अब तक कोई भी गड़बड़ी सामने नहीं आई है। जेल अधीक्षक को जेल के एक साल के दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है।

डॉ. शिवदयाल सिंह, एसपी

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