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जिजीविषा - चार दिनों तक चालीस फीट गहरे कुएं में भूखी-प्यासी पड़ी रही किशोरी, फिर भी नहीं छोड़ी जीवन की आस

deepak deewan

Publish: Sep 13, 2019 17:10 PM | Updated: Sep 13, 2019 17:10 PM

Khandwa

चार दिनों तक चालीस फीट गहरे कुएं में भूखी-प्यासी पड़ी रही किशोरी

खरगोन.
पास के एक गांव में एक किशोरी की जिजीविषा की अद्भुत कहानी सामने आई है। आगरवाड़ा गांव की 16 साल की यह किशोरी चार दिनों तक भूखी-प्यासी एक सूखे कुएं में पड़ी रही। वह 40 फीट गहरे सूखे और अंधेरे कुएं में घायलावस्था में पड़ी रही। कुएं में गिरने से उसका पैर टूट गया था। वह मदद के लिए आवाज लगाती रही लेकिन सुनसान इलाका होने के कारण उसकी आवाज अनसुनी रह गई। इसके बाद भी उसने जीने की आस नहीं छोड़ी और अंतत: भगवान ने उसकी सुन भी ली।

गणेश विसर्जन के लिए कुएं में पानी छोडऩा था। इसके लिए कुछ ग्रामीण कुएं पर आए। किसी ने कुएं में पत्थर फेंका तो किशोरी तुरंत मदद के लिए चिल्लाई। कुएं के अंदर से आवाज आने पर ग्रामीण हक्के-बक्के रह गए। फिर उसे निकाले जाने की कोशिश शुरू कर दी। एक ग्रामीण को खटिया के सहारे उतारा गया और उसने किसी तरह उसी खटिया में किशोरी को लिटाकर उसे बाहर निकाला। 96 घंटे बाद उसे मानो दोबारा जीवन मिला।

आगरवाड़ा गांव में यह घटना घटी। जानकारी के अनुसार रविवार शाम को किशोरी घर से शौच के लिए निकली थी। शाम करीब 5 बजे घर से निकली थी लेकिन फिर लौटकर नहीं आई। गुरुवार शाम उसे कुएं से निकाला गया। उसे बड़वाह अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे इंदौर रिफर कर दिया गया।


किशोरी के पिता ने आशंका जताई है कि किसी ने उसके साथ गंदा कृत्य किया है। उनके अनुसार कुआं किशोरी के घर से करीब एक किमी दूर है। जबकि शौच जाने के स्थान घर से करीब ही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि किशोरी उस कुएं में पहुंची कैसे। शौच जाने के लिए जो डब्बा वह घर से लेकर निकली थी वह भी घर के पास ही मिला है।