स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

10 सुविधाघरों में सैनेटरी पैड मशीन का दावा, निगम के खुद के ही दफ्तर में नहीं लगा पाए

Amit Jaiswal

Publish: Aug 14, 2019 23:04 PM | Updated: Aug 14, 2019 23:04 PM

Khandwa

आखिर अव्यवस्थाओं से इन्हें कब मिलेगी आजादी...ओडीएफ प्लस के लिए करने वाले हैं दावा लेकिन कागजी कार्ययोजना से नहीं आ पा रहे बाहर, शहर के सुलभ कॉम्प्लेक्स सहित स्कूल, कॉलेज व अस्पताल के सुविधाघरों में लगना है मशीनें।

खंडवा. स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के तहत ओडीएफ प्लस के दावे पर खरा उतरने की चुनौतियों से जूझ रहे नगर निगम की तैयारियां बेहद कमजोर हैं। 10 सुविधाघरों में सैनेटरी पैड मशीन लगाने का दावा तो इतना खोखला है कि फिलहाल निगम के खुद के ही दफ्तर के सुविधाघर में ये नहीं लग पाईं हैं। 15 अगस्त के मौके पर यही प्रश्न उठ रहे हैं कि आखिर इस तरह की निगम की अव्यवस्था से कब आजादी मिलेगी।

सुलभ कॉम्प्लेक्स सहित स्कूल, कॉलेज व अस्पताल के सुविधाघरों में स्वच्छ सर्वेक्षण में अच्छी रैंक के लिए निगम को सुविधाएं बढ़ाना है। दावा भी किया जा रहा है लेकिन असल में इस पर काम नहीं हो पा रहा है। खुले में शौच मुक्त शहर यानी ओडीएफ प्लस का तमगा हासिल करने के लिए भी आवेदन होना है, इसके लिए भी ये प्रक्रिया जरूरी है लेकिन असल में ऐसा हो नहीं पा रहा है। जहां-जहां निगम ने सेनेटरी पैड मशीन व इंसीनरेटर मशीन लगाने की कार्ययोजना बनाई है, उनमें से कहीं पर ये नहीं लगाई है।

निगम ने इन क्षेत्र के सुविधाघरों के लिए बनाई है कार्ययोजना
- गणेशतलाई
- जवाहरगंज
- सिंघाड़तलाई
- चीराखदान
- बस स्टैंड
- हॉस्पिटल
- ताड़ीखाना
- एमएलबी स्कूल
- नगर निगम
- लेडी बटलर

मेंटेन करना भी होगा चुनौतीपूर्ण
नगर निगम पहले तो मशीनें लगाने में ही देरी कर रहा है। ये मशीनें लगने के बाद मेंटेन करना भी मुश्किल होगा, क्योंकि देखरेख बहुत जरूरी होगी। साथ ही मशीनों में पैड उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाना होगा। अब ये तो आने वाला समय ही बताएगा कि निगम इस तरफ कितना ध्यान दे पाता है।

सफाई पर ही नहीं दे रहे ध्यान
निगम कार्यालय में ही हाल ही में महिला-पुरूष सुविधाघर अलग-अलग हुए हैं, इससे पहले एक ही गेट से दोनों के लिए ये सुविधा थी, जिस वजह से महिलाओं को शर्मिंदगी झेलना पड़ती थी। हालांकि अब-भी सुविधाघर में सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, निगम खुद के सुविधाघर साफ नहीं रख पा रहा है।

पहले हो गई थी तोडफ़ोड़
स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के यहां के अनुभव ये रहे हैं कि स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम के वापस लौटते ही यहां सुविधाघरों में भारी तोडफ़ोड़ असामाजिक तत्वों द्वारा कर दी गई थी, जबकि कई जगह तो नए निर्माण किए गए थे। अब एक बार फिर मशीनें लगाए जाने से भी पहले ये सोच-विचार किया जा रहा है कि कहीं लोग इन्हें भी नुकसान न पहुंचा दें।

अभी तैयार की है कार्ययोजना
हमने सुलभ कॉम्प्लेक्स सहित अन्य सुविधाघरों में सैनेटरी पैड व इंसीनरेटर मशीन लगाने की कार्ययोजना तैयार की है। स्थान भी चिह्नित कर लिए हैं। आगामी समय में शीघ्र ही हम इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे।
मो. शाहीन खान, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी, ननि