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T-20 लीग में टेस्ट खेल रहे हैं ये, ऐसे ही रहे हाल तो हो जाएंगे हिट विकेट

Amit Jaiswal

Publish: Aug 12, 2019 21:42 PM | Updated: Aug 12, 2019 21:42 PM

Khandwa

स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में नंबर-1 आने के लिए निगम ने नियुक्त किया कंसलटेंट, जिन मुद्दों पर सर्वेक्षण में मिलना है अंक उनकी तरफ नहीं दिया जा रहा है ध्यान।

खंडवा. टी-20 क्रिकेट के आइपीएल की तर्ज पर देशभर के नगरीय निकायों के बीच स्वच्छता लीग शुरू हुई है लेकिन नगर निगम इसमें टेस्ट मैच की तरह प्रदर्शन कर रहा है। 1.35 करोड़ रुपए का सलाहकार भी रख लिया गया लेकिन शहर के हाल अब-भी बेहाल ही हैं। अगर यही हाल रहे तो निगम हिट विकेट भी हो सकता है, यानी रैंकिंग में पिछडऩा तय है।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के लिए तय किए फॉर्मेट में इस बार बड़ा बदलाव आया है। ये सर्वेक्षण 4000 अंक की बजाय 6000 अंक का हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत निकायों में स्वच्छता का आंकलन प्रत्येक तिमाही में हो रहा है। इसके बावजूद कई अहम बिंदुओं पर निगम की तैयारी बहुत कमजोर है। इसी वजह से निगम द्वारा उपलब्ध कराए या अपलोड किए गए डेटा अथवा सूचना गलत मिलने पर माइनस मार्र्किंग का खतरा भी मंडरा रहा है। यानी कि वर्तमान रैंकिंग पर भी प्रभाव पडऩे की आशंका है। देश में फिलहाल खंडवा की रैंकिंग 99 है। इस साल पहली बार निगम ने स्वच्छता में अव्वल आने के लिए सलाहकार यानी कंसलटेंट कंपनी को नियुक्त किया है। 1.35 करोड़ रुपए का टेंडर हुआ है लेकिन इनके आने के बावजूद कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है।

हर बार सिर्फ दावे, इन पर खरा नहीं उतर पा रहा निगम
- 15 डोर-टू-डोर वाहन 2 साल में अब तक नहीं खरीद पाया निगम, शहर के पूरे 50 वार्ड कवर नहीं हो पा रहे।
- घर-घर से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग लेने और मटका विधि से खाद बनाए जाने के दावों पर खरे नहीं।
- शहर में खुले प्लॉट पर गंदगी करने व भवन निर्माण के दौरान मटेरियल नालियों में डालने वालों पर जुर्माना नहीं।
- ट्रेंचिंग ग्राउंड का व्यवस्थीकरण करने की सिर्फ बातें, यहां अपशिष्ठ के लिए ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी अधूरा।
- स्लाटर हाउस को लेकर किए गए बड़े दावे सिर्फ कागजी बनकर ही रह गए, हकीकत में कुछ नहीं किया गया।
- नाले-नालियों पर सफाई में बाधक अतिक्रमण के लिए संयुक्त अभियान चलाने के दावे यहां हकीकत नहीं बन सके।
- होटलों, अस्पतालों, रहवासी संघ, स्कूलों में न चर्चा कर रहे न रहवासी संघों को ब्रांड एंबेसडर बना रहे।
- प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग सख्ती से बंद कराए जाने पर भी बेहतर तरीके से काम नहीं हो पाया।

फैक्ट फाइल
1500 अंक के चार भाग में बांटा
03 महीने में होगा स्वच्छता का आंकलन
100 फीसदी कचरा संग्रहण करना होगा जरूरी
24 दिसंबर के पहले अंतिम चरण के दस्तावेज अपलोड होंगे
12 सवालों के आधार पर लोगों से लिया जाएगा फीडबैक

इस बार स्वच्छता लीग का ये है प्रोग्राम
प्रथम लीग अप्रैल, मई, जून जबकि द्वितीय लीग जुलाई, अगस्त, सितंबर और तृतीय तथा अंतिम लीग अक्टूबर, नवंबर व दिसंबर में तय की गई है। निगम को ऑनलाइन एमआइएस में जहां वार्ड स्तर की जानकारी अपेक्षित है, वहां सभी जानकारी वार्ड स्तर से लेकर ही अपलोड करना होगी। 6 हजार अंक को 1500 के चार भाग में बांटा है, ये पब्लिक फीडबैक, प्रत्यक्ष अवलोकन, प्रमाणीकरण व सेवा स्तर के होंगे।

- शून्य से की है शुरुआत
स्वच्छता सर्वेक्षण में हमने शून्य से शुरुआत की है। इसके परिणाम अभी तत्काल नहीं दिखेंगे। कुछ समय में गतिविधियां होंगी और बदलाव नजर आएंगे।
हिमांशु सिंह, आयुक्त, ननि

- ओडीएफ प्लस का दावा
अब जल्द ही हम ओडीएफ प्लस का दावा करने जा रहे हैं। इसके लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बन रहे स्लज ट्रीटमेंट प्लांट को शुरू करना जरूरी है। कनेक्टिविटी जल्द कर देंगे।
मो. शाहीन खान, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी